गुरदासपुर जिले के 323 गाँवों के 26,000 से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

बीते कुछ दिनों में रावी दरिया के पानी के कारण गुरदासपुर जिले के 323 गाँव प्रभावित हुए हैं और इन गाँवों के 26,000 से ज़्यादा लोगों को बाढ़ का ख़तरा झेलना पड़ा है। पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार, जिला प्रशासन पहले दिन से ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में दिन-रात राहत और बचाव कार्य कर रहा है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए गुरदासपुर के डिप्टी कमीशनर दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन की टीमों द्वारा कल शाम तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 5400 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में 23 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 13 सक्रिय हैं। इन शिविरों में भोजन के अलावा प्राथमिक उपचार, सोने के लिए चटाई, सूखा राशन, बिस्कुट और छोटे बच्चों के लिए दूध भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की मदद के लिए एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं। जिला प्रशासन ने कल तक विभिन्न बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के लिए 52 चिकित्सा शिविर स्थापित किए हैं।


डिप्टी कमीशनर ने बताया कि जिला गुरदासपुर में एनडीआरएफ की 6 टीमें, भारतीय सेना की 3 टीमें और बीएसएफ की 1 टीम राहत कार्य में जिला प्रशासन का सहयोग कर रही है। ये टीमें नावों और अन्य साधनों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुँच रही हैं और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रही हैं। उन्होंने कहा कि ज़रूरत पडऩे तक राहत सामग्री का वितरण जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, विभिन्न समाजसेवी संस्थाएँ भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद कर रही हैं।
डिप्टी कमीशनर ने बताया कि बाढ़ से पशुधन को काफी नुकसान पहुँचा है। उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में बाढ़ के कारण 243 पशुओं की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर पशुओं को बचाने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। जिला प्रशासन पशुओं को चारा उपलब्ध करा रहा है और पशु चिकित्सक भी पशुओं का ईलाज कर रहे हैं।
डिप्टी कमीशनर दलविंदरजीत सिंह ने बताया कि रावी दरिया का जलस्तर कम हो गया है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भी पानी लगातार कम हो रहा है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की कि वे बिल्कुल भी न घबराएँ, जिला प्रशासन इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पडऩे पर जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम 01874-266376 पर संपर्क किया जा सकता है।

By Gurpreet Singh

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