अब ख़रीद संस्थानों द्वारा ख़रीद किए जा रहे बाजरे पर 50 रुपए प्रति क्विंटल अधिक पाएंगे किसान

चंडीगढ़, 27 सितंबर – हरियाणा सरकार ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया है कि राज्य में खरीद संस्थाओं द्वारा खरीदे जा रहे बाजरे के मूल्य में 50 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ोतरी करते हुए खरीद संस्थानों द्वारा बाजरे की खरीद 2200 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीद करेगी और भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत 575 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों के बैंक खातों में सीधे तौर पर स्थानांतरित किए जायेंगे।

इससे किसानों को सरकार द्वारा खरीद किये जा रहे बाजरे पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2775 रुपये की अदायगी होगी।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पहले यह राशि 2150 रुपए प्रति क्विंटल थी और भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत 625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों के खातों में स्थानांतरित किए गए जिसके फलस्वरूप राज्य के किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन की अदायगी हो रही है।

उन्होंने बताया कि बाजरे के बाजार भाव की समीक्षा करने के उपरांत किसान भाइयों के हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा निजी व्यापारियों द्वारा राज्य के किसानों से ई – खरीद माध्यम से बाजरे की खरीद 2200 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक किसी भी दर पर खरीदा जाता है तो उस स्थिति में भी सरकार किसानों को भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत निर्धारित 575 रुपये प्रति क्विंटल राशि का भुगतान करेगी।

प्रवक्ता ने बताया कि इस स्थिति में राज्य के किसानों को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक राशि का लाभ होगा।

उल्लेखनीय है कि राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य में खरीफ सीजन 2025 – 26 के दौरान बाजरे की खरीद जो 1 अक्टूबर शुरु की जानी थी को 23 सितंबर से शुरू किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में बाजरे की खरीद हेतु 92 मण्डियां / खरीद केंद्र खोले गए हैं। राज्य में बाजरे की खरीद हैफेड एवं हरियाणा राज्य भण्डारण निगम खरीद संस्था द्वारा खरीद की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष प्रदेश के 5, 06, 313 किसानों द्वारा बाजरे के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाया गया है।

By Gurpreet Singh

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