तेहरान (राजीव शर्मा): इजराइल और अमेरिका ने सोमवार को ईरान पर भारी बमबारी की, जिसमें 25 से ज्यादा लोग मारे गए। जवाब में ईरान ने इजराइल के हाइफा और खाड़ी देशों पर मिसाइलें बरसाईं। ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट खोलने की डेडलाइन नजदीक आते ही मिस्र-पाकिस्तान-तुर्की ने 45 दिन के युद्धविराम का नया प्रस्ताव दिया।
सुबह के हमलों में तेहरान का शरीफ टेक यूनिवर्सिटी टारगेट बना। ईरानी मीडिया के मुताबिक, बिल्डिंग्स के साथ गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर भी तबाह हुए। कैंपस खाली था क्योंकि वॉर की वजह से क्लासेस ऑनलाइन चल रही हैं। इस यूनिवर्सिटी पर पहले भी मिसाइल प्रोग्राम से लिंक मानकर सैंक्शंस लगे हैं।
सरकारी न्यूज ने बताया कि रेवोल्यूशनरी गार्ड्स के इंटेल चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी भी तेहरान अटैक में शहीद हो गए। हाइफा में ईरानी मिसाइल्स से एक बिल्डिंग ढही, 4 शव मिले। इस्लामशहर में 15, कोम में 5, दूसरे शहरों में 6 और तेहरान में घर पर 3 की मौत हुई। आसमान में फाइटर जेट्स की गड़गड़ाहट और आजादी स्क्वायर पर काला धुआं देखने को मिला।
इस दौरान ट्रंप ने चेतावनी दी है कि कल यानी मंगलवार पावर प्लांट्स और ब्रिजेस का नंबर, स्ट्रेट न खोला तो ईरान को ‘स्टोन एज’ में धकेल देंगे। सोशल मीडिया पर बोले, “नर्क जैसी जिंदगी जीयो।”
