रोहिणी (राजीव शर्मा): उत्तर-पश्चिम दिल्ली के रोहिणी में एक गोदाम परिसर के अंदर झुग्गी-झोपड़ियों के समूह में आग लगने से एक परिवार के तीन सदस्यों की, जिनमें एक छोटा बच्चा शामिल था, मौत हो गई।
मंगेराम पार्क क्षेत्र में कबाड़ व प्लास्टिक कचरा रखने वाले प्लॉट में अस्थायी आश्रय बनाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि आग आधी रात के बाद लगी और मौके पर मौजूद ज्वलनशील सामग्री के कारण तेजी से फैल गई।
फायर ब्रिगेड की कई टेंडर दस्ते मौके पर पहुंचे और लंबे अभियान के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कई झोपड़ियां पूरी तरह नष्ट हो चुकी थीं।
बचाव टीमों ने मलबे से तीन शव बरामद किए। अधिकारियों ने पुष्टि की कि अन्य कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन जान गंवाने की घटना ने ऐसी अनौपचारिक बस्तियों में सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
फायर कर्मियों ने बताया कि संकरी गलियों के कारण बड़े वाहनों का प्रभावित क्षेत्र के केंद्र तक पहुंचना मुश्किल हो गया, जिससे प्रतिक्रिया में देरी हुई।
पुलिस और फोरेंसिक टीमों ने आग के कारण का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक आंकलन से प्लास्टिक व अन्य ज्वलनशील सामग्री ने फैलाव को तेज किया होगा।
एक अन्य घटना में, दिन में राजघाट बस डिपो के पास सूखी झाड़ियों में आग लगने की सूचना मिली। इमरजेंसी टीमों ने तुरंत कार्रवाई कर आग को बढ़ने से रोक दिया। उस मामले में कोई हताहत नहीं हुआ।
अधिकारियों ने खतरनाक सामग्री के भंडारण के साथ-साथ आवासीय संरचनाओं वाले क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानदंडों की कड़ाई से निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया है।
रोहिणी में कबाड़ी पट्टी पर भीषण आग से तीन की मौत
