‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक पहचान देने का आह्वान, नई औद्योगिक नीति पर उद्योगपतियों से मंथन

चंडीगढ़ (बलविंदर सिंह)- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उद्योगपतियों से आह्वान किया है कि उद्योगपति मेक इन इंडिया को ग्लोबल पहचान दिलाने के लिए उत्पाद बनाए। इसे लेकर देश के प्रधानमंत्री भी कह चुके हैं कि हमारे उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ही नहीं बल्कि उनसे बेहतर होने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनियां ऐसे उत्पाद बनाए कि मेक इन इंडिया का मतलब बेहतर गुणवत्ता हो। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में हरियाणा की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी को लेकर निवेशकों से सीधा संवाद कर रहे थे।

इस दौरान उन्होंने आटो सेक्टर, मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर व अन्य सेक्टरों से जुड़े उद्योगपतियों से अलग-अलग मुलाकात की। इस दौरान न केवल उन्होंने नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी को लेकर उनके सुझाव लिए बल्कि स्वयं भी अपने विचार साझा किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के लिए हरियाणा सबसे बेहतरीन राज्य है। आज चाहे उद्योगों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात हो, चाहे सड़क कनेक्टिविटी की बात हो या मूलभूत सुविधाओं की बात हो, हर क्षेत्र में हरियाणा अव्वल है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से कागजी कार्यवाही को संपन्न किया जा रहा है। हरियाणा में उद्योगों के लिए बेहतरीन इको सिस्टम है, तभी देश की बड़ी बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की पहली पसंद हरियाणा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा जल्द ही अपनी नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लेकर आ रहा है, उसे लेकर उद्योगपतियों से सीधा संवाद हो रहा है, इससे इस पॉलिसी को और बेहतर बनाया जाएगा ताकि उद्योग ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सके और प्रदेश अधिक तरक्की कर सके।

इंपोर्ट सब्स्टीट्यूट को ध्यान में रखकर लगाएं उद्योग

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उद्योगपति अलग-अलग क्षेत्र में निवेश कर रहे हैं। उन्हें इंपोर्ट सब्स्टीट्यूट को ध्यान में रखकर भी प्रोडक्ट और उद्योगों को लगाना चाहिए। इससे न केवल देश में उन उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिन्हें आज भी हम दूसरे देशों से इंपोर्ट कर रहे हैं। इसके साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा। यह हमारे देश के लिए बेहतर होगा। इससे देश के उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। वहीं एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने हरियाणा सरकार की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी को लेकर बुलाई गई बैठक की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह पहला मौका है जब इंडस्ट्रियल पॉलिसी बनाने से पहले उद्योगपतियों से सीधा संवाद किया जा रहा है और उनके सुझाव लिए जा रहे हैं। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।

विकसित भारत में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली है। इसी वजह से हरियाणा सरकार ने अपना विजन डॉक्यूमेंट पेश किया है। प्रदेश में औद्योगिक विकास होगा तो इससे प्रदेश की ग्रोथ भी बढ़ेगी और लोगों को अधिक से अधिक रोजगार भी मिलेगा। एनटीएफ कंपनी के एमडी नवीन जैन ने हरियाणा में उद्योग लगाने के लिए एचएसआईआईडीसी के माध्यम से जमीन खरीदने की इच्छा जताई। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा नगर निकायों में इस्तेमाल होने वाले डीजल वाहनों की जगह ईवी वाहनों का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया। इस पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भविष्य में सरकार नगर निकायों में ईवी वाहनों के इस्तेमाल पर विचार कर सकती है।

बैठक में पीडब्ल्यूडी, वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री राव नरबीर सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल, महानिदेशक इंडस्ट्रीज श्री यश गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रोटेरियल कंपनी के चेयरमैन संजय सेठ, चीफ मार्केटिंग आफिसर अनुज शर्मा, हॉरिजॉन इंडस्ट्री पार्क के सीईओ उर्विश, सीएफओ कुणाल शाह, सात्विक ग्रुप के निलेश, जेबीएम के वीसी निशांत आर्य, इंडिया सेल अलायंस के एमडी विवेक गुप्ता ने अपने सुझाव दिए।

By Balwinder Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *