दक्षिण हरियाणा में रोहेड़ा–जांटी संरक्षण को मिलेगी तेज़ रफ्तार — प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम की तर्ज पर नई योजना बनेगी : वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह

चंडीगढ़, 09 दिसंबर— हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने प्रदेश में वन संपदा के संरक्षण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से निर्देश दिए हैं कि दक्षिण हरियाणा के विशेषकर महेंद्रगढ़, सतनाली, चरखी दादरी, बाढ़ड़ा, लोहारू क्षेत्रों में रोहेड़ा और जांटी के संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्राणवायु देवता पेंशन स्कीम की तर्ज पर नई योजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि जिन किसान के खेतों में रोहेड़ा और जांटी के पेड़ सुरक्षित रहेंगे, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप प्रतिवर्ष 500 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, जिसे आगे वर्ष–दर–वर्ष बढ़ाया जाएगा।

वन मंत्री आज चंडीगढ़ में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश की प्राकृतिक विरासत एवं पर्यावरण संरक्षण सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है, और इस दिशा में योजनाओं को ग्राउंड लेवल तक प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता है।

पर्यावरणीय पर्यटन के विस्तार पर भी ब राव नरबीर सिंह ने निर्देश दिए कि इको टूरिज्म पॉलिसी के तहत मोरनी हिल्स में थापली तथा यमुनानगर के चुहड़पुर क्षेत्र में विस्तृत योजना तैयार कर वर्किंग ड्राफ्ट प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने कहा कि शिवालिक व अरावली क्षेत्र के लिए भी इको टूरिज्म पॉलिसी के अनुरूप कार्य योजना बनाई जाए तथा परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जाए, ताकि पर्यटन और स्थानीय रोजगार को साथ–साथ बढ़ावा मिल सके।

बैठक में बताया गया कि वन मित्र योजना के तहत गत वर्ष 71 हजार से अधिक गड्ढे खोदे गए तथा 5710 पौधे लगाए गए।

मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन मित्रों को खाद एवं नलाई–गुड़ाई के लिए या तो वित्तीय सहायता प्रदान की जाए या विभाग की ओर से आवश्यक संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं, ताकि पौधों की देखभाल प्रभावी ढंग से हो सके और वन संपदा का विस्तार तेजी से आगे बढ़ सके।

By Balwinder Singh

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