हरियाणा पुलिस में बड़ा सुधार: डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने ईआरवी की कार्यप्रणाली सुधारने, दबंगों पर कार्रवाई और नशा मुक्ति अभियान को लेकर दिए कड़े निर्देश

चंडीगढ़, 2 जून: हरियाणा के पुलिस महानिदेशक श्री शत्रुजीत कपूर ने देर शाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल) की कार्य क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि ईआरवी हरियाणा पुलिस का ‘चेहरा’ है और इसका प्राथमिक दायित्व किसी भी घटना पर समय पर पहुँचकर प्रभावी कार्रवाई करना है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4000 पुलिसकर्मी ईआरवी पर तैनात हैं। श्री कपूर ने कहा कि पुलिस अधीक्षक ईआरवी का कार्य-ऑडिट करना सुनिश्चित करे ताकि सिस्टम में मौजूदा कमियों को दूर किया जा सके और संबंधित पुलिस कर्मी की जवाब देही तय की जा सके।

ईआरवी के कार्य का ऑडिट, सी-डेक की तकनीकी मदद लेने के लिए दिए निर्देश
डीजीपी श्री कपूर ने कहा कि ईआरवी के कार्यों का तकनीकी ऑडिट आवश्यक है और इसके लिए सी-डेक (C-DAC) की तकनीकी टीम की सहायता ली जा सकती है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से कहा कि वे ईआरवी का समय-समय पर निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि घटनास्थल पर कितनी जल्दी प्रतिक्रिया दी गई, कितने समय में ईआरवी पहुंची, और क्या कार्यवाही की गई।

कंट्रोल रूम के रिस्पॉन्स टाइम को सुधारने के निर्देश, सीलिंग प्लान को तुरंत क्रियान्वित करने पर बल
डीजीपी ने कहा कि कंट्रोल रूम पर सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी तत्काल सीलिंग प्लान बनाएं और उसे संबंधित थानों और इंटर स्टेट चेकपोस्ट्स के साथ साझा करें। उन्होंने कहा कि यह कार्य जितनी जल्दी होगा, अपराधी को पकड़ने की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी। कम्युनिकेशन गैप के कारण अपराधियों के भागने की घटनाएं नहीं होनी चाहिए।

4900 दबंगों की पहचान, सख्त कार्रवाई के निर्देश
हरियाणा पुलिस द्वारा प्रदेश में सक्रिय लगभग 4900 दबंगों की सूची तैयार की गई है। श्री कपूर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाए। जो भी व्यक्ति आम जनता का शोषण कर रहा है, धमकी दे रहा है या अवैध वसूली कर रहा है, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

नशा मुक्ति मॉडल को सभी जिलों में लागू करने के निर्देश
हिसार रेंज में नशा मुक्ति अभियान के लिए अपनाए गए मॉडल की सराहना करते हुए डीजीपी ने कहा कि इसी प्रकार का मॉडल अन्य जिलों में भी लागू किया जाए। हर जिले में एक समर्पित अधिकारी की नियुक्ति की जाए जो 5-6 सदस्यों की टीम तैयार करे। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों की टीम डोर-टू-डोर सर्वे करें और नशे के शिकार लोगों की पहचान कर उन्हें उपचार और पुनर्वास के लिए प्रेरित करें।

आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा शराब के ठेकों की नीलामी प्रक्रिया के दौरान असामाजिक तत्वों पर रहेगी पुलिस की पैनी नजर
बैठक में आबकारी एवं कराधान विभाग की आयुक्त एवं सचिव श्रीमती आशिमा बराड़ ने भी भाग लिया । उन्होंने कहा कि आगामी एक महीने में शराब के ठेकों की नीलामी प्रक्रिया जारी रहेगी, जिसमें भिवानी, हिसार, रोहतक और यमुनानगर जैसे चार जिलों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है। ठेकेदार निडर होकर नीलामी में भाग लें, इस संबंध में डीजीपी श्री कपूर ने सभी पुलिस अधीक्षको को निर्देश देते हुए कहा कि ठेकेदारों के बीच विश्वास की भावना उत्पन्न करें और जिले में नियमित नाकाबंदी एवं सघन निगरानी अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि आबकारी विभाग के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी योजना बनाई जाए और 30 जून तक चलने वाली नीलामी प्रक्रिया के दौरान शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाए।

हरियाणा पुलिस की प्रतिबद्धता: अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा हेतु निरंतर सक्रिय है। चाहे ईआरवी की तैनाती हो, कंट्रोल रूम की रणनीति हो, या नशा मुक्ति अभियान, हरियाणा पुलिस जनहित में अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा और दक्षता से निर्वहन कर रही है।

By Balwinder Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *