चंडीगढ़, 24 फरवरी-हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन को बताया कि राज्य में पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी, 2026 तक कुल 2,75,441 नए पेंशन लाभार्थी जुड़े हैं, जो सरकार की सामाजिक सुरक्षा नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाता है।
विधानसभा में पूछे गए प्रश्न का उत्तर
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी आज बजट सत्र के दौरान एक सदस्य द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य पात्र नागरिकों तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य सामाजिक सहायता योजनाओं के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों को शामिल किया जा रहा है, जिससे समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक संबल मिल सके।
पेंशन रोकने के कारणों पर स्पष्टीकरण
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 1,11,120 पेंशनों को अस्थायी रूप से रोका गया है, लेकिन यह कार्रवाई नियमों के अनुसार दस्तावेज़ों के सत्यापन के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने बताया कि पेंशन रोके जाने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं—
- लाभार्थी की मृत्यु
- आयु अथवा आय संबंधी अयोग्यता
- लाभार्थी का राज्य से बाहर स्थानांतरित होना
- पुनर्विवाह जैसी परिस्थितियां
- आवश्यक दस्तावेज़ों का अपूर्ण या असत्य होना
मंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए अपनाई जाती है कि पेंशन का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिले जो वास्तव में इसके पात्र हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सरकार पेंशन प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए नियमित रूप से डेटा सत्यापन अभियान चला रही है। डिजिटल रिकॉर्ड, आधार सत्यापन और अन्य तकनीकी उपायों के माध्यम से अपात्र लाभार्थियों की पहचान की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लाभार्थियों की पेंशन दस्तावेज़ी त्रुटियों के कारण रोकी गई है, वे आवश्यक सुधार कराकर पुनः पेंशन शुरू करवा सकते हैं।
सरकार की प्रतिबद्धता
मंत्री ने दोहराया कि हरियाणा सरकार समाज के कमजोर, वृद्ध, दिव्यांग और जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी पेंशन योजनाओं के दायरे का विस्तार किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।
सरकार का लक्ष्य एक ऐसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था बनाना है जो न्यायसंगत, पारदर्शी और जनहितकारी हो।
