जीएसटी सुधारों से हर नागरिक तक सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवा पहुँचेगी – स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव

ਸੂਬਾ ਸਰਕਾਰ ਸੂਬੇ 'ਚ ਸਿਹਤ ਸੰਭਾਲ ਸੇਵਾਵਾਂ ਦੀ ਪਹੁੰਚ ਤੇ ਗੁਣਵੱਤਾ 'ਚ ਸੁਧਾਰ ਲਿਆਉਣ ਲਈ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਵਚਨਬੱਧ : ਆਰਤੀ ਸਿੰਘ ਰਾਓ

चंडीगढ़: हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घोषित व्यापक एवं तर्कसंगत जीएसटी सुधार देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे। इन सुधारों से दवाओं, चिकित्सा उपकरणों, बीमा योजनाओं तथा पोषण संबंधी उत्पादों की लागत कम होगी और आमजन को सस्ती तथा सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य आम नागरिक का जीवन सरल बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसके साथ ही इन कदमों को परिवारों पर खर्च का बोझ घटाने वाला और विभिन्न सेक्टरों के लिए राहतकारी बताया। उन्होंने इसे “बहुक्षेत्रीय एवं बहुविषयक सुधार” बताते हुए व्यापार और जीवन दोनों को सुगम बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया।

आरती सिंह राव ने कहा कि आवश्यक दवाओं पर जीएसटी दरें घटाकर 12% से 5% अथवा शून्य कर दी गई हैं, जिससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों के लंबे इलाज का खर्च काफी कम होगा। मेडिकल उपकरण जैसे ऑक्सीजन, सर्जिकल ग्लव्स, थर्मोमीटर, डायग्नोस्टिक किट आदि पर कर दर घटने से अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों के लिए सेवा लागत घटेगी। आधुनिक निदान उपकरणों का व्यापक प्रयोग बढ़ाने में मददगार होंगे, विशेषकर दूसरे और तीसरे दर्जे के नगरों में ।

उन्होंने कहा कि दृष्टि सुधार हेतु चश्मे और लेंस पर टैक्स में कटौती से लाखों लोगों को राहत मिलेगी। इससे विद्यार्थियों, बुजुर्ग नागरिकों एवं निम्न आय वाले परिवारों के लिए दृष्टि को सुधारने के उपाय करना कम खर्चीला होगा। साथ ही व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पालिसी को करमुक्त करना मध्यवर्ग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी राहत है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पोषण संबंधी वस्तुओं जैसे दूध, पनीर, सूखे मेवे और मधुमेह रोगियों हेतु आहार पर कम टैक्स से आम परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। जिम और फिटनेस सेवाओं पर टैक्स घटाने से युवाओं और प्रोफेशनलों में “फिट इंडिया मूवमेंट” को गति मिलेगी।

उन्होंने आगे बताया कि दूध एवं पनीर (ब्रांडवाला एवं बिना ब्रांडवाला) जीएसटी मुक्त किए गए हैं ताकि दैनिक पोषण करमुक्त रहे । सूखे मेवे एवं मधुमेह/डायबिटीज के लिए विशिष्ट भोजन पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत ताकि स्वास्थ्यप्रद भोजन की आदत बढ़ सके। साफ़ की हुई अथवा प्रिजर्व्ड मछली, फलों का गूदा अथवा रस आधारित पेयों एवं दूध वाले पेयों पर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है।

इन उपायों से परिवार का पोषण सुधरेगा। महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों को विशेष लाभ होगा।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समाज में गलत लत/ ऐब पैदा करने वाली चीजों तंबाकू, पान मसाला और शक्करयुक्त पेयों जैसी हानिकारक वस्तुओं पर किसी प्रकार की रियायत न देकर केंद्र सरकार ने “निरोगी भारत” के संकल्प को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि यह सुधार आयुष्मान भारत, पोषण अभियान और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों के अनुरूप हैं और इनसे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का “सबको मुनासिब लागत पर स्वास्थ्य सेवा” का संकल्प पूरा होगा।

By Balwinder Singh

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