चंडीगढ़, 13 मार्च 2026 (नवल किशोर) : शहर के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए शहर के कोचों के लिए पहली बार “द हाई-परफॉर्मेंस कोचिंग ब्लूप्रिंट: साइंस, सिस्टम्स एंड सस्टेनेबल स्पोर्टिंग सक्सेस” विषय पर एक क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-42, चंडीगढ़ के कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया। इस कार्यशाला की अवधारणा एवं रूपरेखा चंडीगढ़ इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (CIT) द्वारा NITI Aayog के स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत तैयार की गई तथा इसका आयोजन खेल विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किया गया।
यह पहल चंडीगढ़ स्पोर्ट्स पॉलिसी 2023 की परिकल्पना के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य शहर में खेलों के विकास के लिए वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।
कार्यशाला में स्पोर्ट्स साइंस और हाई-परफॉर्मेंस प्रशिक्षण के विशेषज्ञों ने भाग लेते हुए कोचों को खिलाड़ियों के आधुनिक प्रशिक्षण एवं विकास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं। इस अवसर पर डॉ. मनजीत सिंह थिंड, निदेशक, पंजाब स्पोर्ट्स मेडिसिन सर्विसेज तथा डॉ. वज़ीर सिंह फोगट, हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर (एथलेटिक्स), स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ़ इंडिया , नई दिल्ली ने विशेषज्ञ सत्र लिए। इन सत्रों में स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, चोटों की रोकथाम, रिकवरी प्रबंधन तथा कोचिंग में स्पोर्ट्स साइंस के समावेशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित कोचिंग पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने दीर्घकालिक खिलाड़ी विकास, प्रदर्शन निगरानी, प्रशिक्षण भार प्रबंधन तथा चोटों की रोकथाम जैसे पहलुओं पर विशेष जोर दिया। साथ ही खिलाड़ियों की वृद्धि, परिपक्वता और रिकवरी को समझने के महत्व पर भी प्रकाश डाला, ताकि खिलाड़ियों का सतत प्रदर्शन और समग्र कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।
विभिन्न खेल विधाओं से जुड़े कोचों ने कार्यशाला में भाग लेकर इस पहल की सराहना की। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के क्षमता निर्माण कार्यक्रमों तथा राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ संवाद के अवसर बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि कोच खेल विज्ञान और प्रदर्शन से जुड़ी नवीनतम प्रथाओं के साथ निरंतर अद्यतन रह सकें।
