इस्लामाबाद में ईरान-अमेरिका दूसरी वार्ता पर संदेह, तनाव बढ़ने से अनिश्चितता

इस्लामाबाद (राजीव शर्मा): इस्लामाबाद में होने वाली ईरान-अमेरिका दूसरी दौर की बातचीत पर नया संकट। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी संकेतों से तय कार्यक्रम पर सवाल उठे।

अमेरिका ने बैठक की तैयारी का संकेत दिया। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। इसमें राजदूत स्टीव विट्कॉफ व सलाहकार जेरेड कुश्नर शामिल, हालांकि पाकिस्तान रवानगी की खबरें असंगत।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता टूटने की अटकलों को कमतर बताया। दोनों देश प्रतिबद्धताओं का पालन करेंगे। उन्होंने ईरानी नेतृत्व से सीधी बातचीत की संभावना भी जताई, अगर प्रगति हो।

तेहरान ने सतर्क रवैया अपनाया। राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने वाशिंगटन पर गहरा अविश्वास बताया। होर्मुज जलडमरूमध्य की कथित नाकाबंदी जैसे हालिया घटनाक्रम मुख्य अड़चन। दबाव या जबरदस्ती में शामिल न होने पर जोर।

विदेश मंत्रालय प्रवक्ता एस्माइल बकई ने कहा कि फिलहाल ईरान की भागीदारी की पक्की योजना नहीं। अमेरिकी पक्ष के असंगत संकेतों का हवाला।

ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बाघर गलीबाफ ने कूटनीति पूरी तरह बंद न होने का इशारा दिया, लेकिन तनाव बढ़ने पर जवाब तैयार रहने की चेतावनी।

अनिश्चितता का पृष्ठभूमि नाजुक युद्धविराम का अंत नजदीक आना। दोनों पर साझा आधार खोजने का दबाव। इस माह इस्लामाबाद में पहला दौर लंबी चर्चा के बावजूद मुख्य विवाद सुलझे बिना विफल।

विश्लेषकों का मानना कि क्षेत्रीय सुरक्षा व सैन्य कार्रवाइयों पर गहरे मतभेद बाधा। ईरान ने इजरायल से जुड़ी घटनाओं को वार्ता से जोड़ा, अमेरिकी समुद्री कदमों ने भरोसे को जटिल बनाया।

पाकिस्तान कूटनीतिक प्रयासों का केंद्र, वाशिंगटन व तेहरान से संपर्क बनाए। अनिश्चितता बावजूद पर्यवेक्षक कहते हैं कि आखिरी प्रयास से पक्ष मेज पर लौट सकते।

By Rajeev Sharma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *