कोलकाता (राजीव शर्मा): अगले चुनाव चरण से पहले पश्चिम बंगाल में अपनी पहुँच जारी रखते हुए, नरेंद्र मोदी ने अपना दिन हूगली नदी पर नदी यात्रा से शुरू किया, जहाँ उन्होंने गंगा को प्रणाम किया और नदी से जुड़े लोगों के साथ बातचीत की।
सुबह की यात्रा में प्रधानमंत्री ने स्थानीय नाविकों के साथ समय बिताया, उनकी अनुभव सुनें और नदी आधारित आजीविकाओं को बनाए रखने में उनकी भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने घाटों पर निवासियों को भी नमस्कार किया, सुबह के समय मौजूद लोगों के साथ संक्षेप में संवाद किया।
यात्रा पर चिंतन करते हुए, मोदी ने गंगा को बंगाल के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक जीवन में गहराई से समाहित प्रतीक बताया। उन्होंने जोर दिया कि नदी न केवल विश्वास का प्रतीक है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही सभ्यतात्मक विरासत की निरंतरता का भी।
प्रधानमंत्री ने जल से हावड़ा ब्रिज व विद्यासागर सेतु सहित प्रमुख शहर स्थलों का अवलोकन करने का अवसर भी लिया, अपनी यात्रा के क्षणों को कैद किया।
यह यात्रा भारतीय जनता पार्टी द्वारा राज्य में स्थानीय भावनाओं व सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ने की व्यापक अभियान रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में एक और कार्यकाल की मांग को चुनौती देने का प्रयास कर रही है।
अपनी बातचीतों के दौरान, मोदी ने विकास पर अपने फोकस को दोहराया और आश्वासन दिया कि राज्य में बुनियादी ढांचे व अवसरों में सुधार के प्रयास जारी रहेंगे।
नदी यात्रा उनके बंगाल में पूर्व सार्वजनिक कार्यक्रमों के बाद हुई, जो उनके चल रहे चुनावी अभियान में सांस्कृतिक व प्रतीकात्मक आयाम जोड़ती है।
