रुपया 33 पैसे की तेजी के साथ डॉलर के मुकाबले 92.85 रुपये पर पहुंचा

नई दिल्ली (गुरप्रीत सिंह): मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, विदेशी निवेश का लगातार बहिर्वाह, डॉलर की मजबूती, भूराजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल के ऊंचे दामों से भारतीय मुद्रा पर दबाव कायम है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.13 के स्तर से शुरू होकर डॉलर विरोधी 33 पैसे चढ़ा।

आरबीआई के सख्त उपायों के बाद गुरुवार को रुपया कई सालों की सबसे बड़ी एक दिन की उछाल के साथ 152 पैसे मजबूत होकर 93.18 (अस्थायी) पर बंद हुआ था। ‘गुड फ्राइडे’ के कारण शुक्रवार को मुद्रा एवं शेयर बाजार बंद रहे।

उधर, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के विपरीत डॉलर इंडेक्स 0.14 प्रतिशत ऊपर 100.17 पर टिका। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 270.13 अंक गिरकर 73,049.42 और निफ्टी 93.60 अंक लुढ़ककर 22,619.50 पर रहा।

ब्रेंट क्रूड तेल का भाव 0.66 प्रतिशत बढ़ 109.75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा। शेयर डेटा से पता चला कि गुरुवार को एफआईआई निष्क्रिय रहे और 9,931.13 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले।

केंद्रीय बैंक ने अधिकृत डीलर बैंकों को रुपये आधारित ‘नॉन-डिलीवेरेबल डेरिवेटिव’ (एनडीडी) अनुबंध निवासी व गैर-निवासी ग्राहकों को पेश करने से रोक दिया है। हालांकि, ‘डिलीवेरेबल’ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव की अनुमति बनी रहेगी, ताकि ग्राहक हेजिंग जरूरतें पूरी कर सकें—शर्त यह कि वे समानांतर एनडीडी सौदे न करें। पहले आरबीआई ने रुपये की ‘नेट ओपन पोजीशन’ (खरीद-बिक्री का शुद्ध अंतर) 10 करोड़ डॉलर तक सीमित की थी।

By Gurpreet Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *