06
Apr
नई दिल्ली (गुरप्रीत सिंह): मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, विदेशी निवेश का लगातार बहिर्वाह, डॉलर की मजबूती, भूराजनीतिक अस्थिरता और कच्चे तेल के ऊंचे दामों से भारतीय मुद्रा पर दबाव कायम है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 93.13 के स्तर से शुरू होकर डॉलर विरोधी 33 पैसे चढ़ा। आरबीआई के सख्त उपायों के बाद गुरुवार को रुपया कई सालों की सबसे बड़ी एक दिन की उछाल के साथ 152 पैसे मजबूत होकर 93.18 (अस्थायी) पर बंद हुआ था। 'गुड फ्राइडे' के कारण शुक्रवार को मुद्रा एवं शेयर बाजार बंद रहे। उधर, छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के विपरीत डॉलर इंडेक्स 0.14…
