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चण्डीगढ़, 5 फरवरी -- फरीदाबाद की सुरम्य अरावली पहाड़ियों में आयोजित 39वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प मेला कला प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। मेले में देश-विदेश की विविध संस्कृतियों के बीच दक्षिण भारत की पारंपरिक चित्रकला अपनी अमिट छाप छोड़ रही है। तमिलनाडु से आए शिल्पकार केशव की तंजौर पेंटिंग पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। शिल्पकार केशव के स्टॉल पर 12 हजार रुपए से लेकर 12 लाख रुपए तक की बेशकीमती पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं। तिरुपति बालाजी की 12 लाख रुपए की कीमत वाली पेंटिंग अपनी सूक्ष्म कारीगरी, शुद्ध सोने की पन्नी के काम और कीमती रत्नों के जुड़ाव…
