मुंबई (राजीव शर्मा): संगीत जगत ने अपनी सबसे चमकदार शख्सियत खो दी। आशा भोंसले का मुंबई में 92 वर्ष की आयु में देहांत हो गया। परिवार के स्रोतों के अनुसार, उम्र संबंधी लंबी बीमारी के बाद दिग्गज गायिका चली गईं, जिनकी आवाज ने भारतीय सिनेमा की कई पीढ़ियों को संवार दिया।
उनके निधन से देशभर में शोक की लहर। फिल्मी दुनिया, राजनेता और उनके कालजयी गीतों पर पले प्रशंसकों ने श्रद्धांजलि दी।
1940 के दशक से शुरू सफर भारतीय संगीत इतिहास का चर्चित अध्याय बना। अपनी अद्भुत रेंज के लिए जानी जाने वाली आशा ने उत्साही डांस नंबरों, रोमांटिक धुनों और शास्त्रीय रचनाओं के बीच सहज यात्रा की। बेमिसाल विरासत छोड़ी।
दशकों में कई भाषाओं में हजारों गीत रिकॉर्ड किए। शीर्ष संगीतकारों से सहयोग कर प्लेबैक उद्योग की आधारशिला बनीं। बदलते दौर में खुद को नया रूप देकर बाद के वर्षों में भी प्रासंगिक रहीं।
कला में योगदान से पद्म विभूषण समेत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिला।
आखिरी दिनों में भी संगीत से गहरा लगाव। वैश्विक मंचों पर प्रस्तुतियां देकर युवाओं को जोश और समर्पण से प्रेरित करती रहीं।
उनके जाने से भारत एक ऐसी आवाज को अलविदा कह रहा जो दौर पार कर गई। कालजयी गीतों के जरिए संगीतमय धरोहर अमर रहेगी।
