चंडीगढ़, 9 फरवरी- लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने आज हिसार के आजाद नगर क्षेत्र में लगभग 28.11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बरसाती जल निकासी परियोजना का शिलान्यास किया। परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की गंभीर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित होगा।
कैबिनेट मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने बताया कि परियोजना के माध्यम से आजाद नगर क्षेत्र के लगभग 500 एकड़ क्षेत्र को कवर किया जाएगा। बरसात के मौसम में होने वाले जलभराव से निजात दिलाने के उद्देश्य से इस योजना को तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि परियोजना के अंतर्गत विभिन्न आकारों की लगभग 14 किलोमीटर लंबी आरसीसी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके साथ ही बरसाती पानी की निकासी के लिए 8 पंप स्थापित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक पंप की क्षमता 18 हजार 500 लीटर प्रति मिनट होगी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पानी के संग्रहण के लिए एक टैंक के निर्माण के साथ-साथ पंपों के संचालन के लिए पंप हाउस भी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में पंपों के निर्बाध संचालन के लिए 600 केवीए क्षमता के दो जनरेटर भी स्थापित किए जाएंगे। पंपों के माध्यम से निकाला गया बरसाती पानी 800 मिमी साइज की डीआई पाइप लाइन की दो लाइनों के जरिए हिसार मल्टीपर्पज ड्रेन में डाला जाएगा, जिनकी कुल लंबाई लगभग 5200 मीटर होगी।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त लघु सचिवालय स्थित बरसाती पानी के डिस्पोजल प्वाइंट पर पंपों की क्षमता 16 क्यूसेक से बढ़ाकर 60 क्यूसेक की जाएगी, जिससे पटेल नगर, जवाहर नगर एवं ग्रीन पार्क क्षेत्र में भी जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से आजाद नगर क्षेत्र में वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव से मुक्ति मिलेगी और नागरिकों को बेहतर एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश को आधुनिक बुनियादी ढांचे से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार जनसुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सरकार की नीतियों का सीधा लाभ आम नागरिक तक पहुंच रहा है और प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद आजाद नगर सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को जलभराव की समस्या से मुक्ति मिलेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
