हरियाणा के रणबाँकुरों ने हमेशा आगे बढक़र देश की सेवा की – श्याम सिंह राणा

चण्डीगढ़, 23 सितंबर – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा की धरती हमेशा से वीरों की भूमि रही है चाहे 1857 की क्रांति हो, कारगिल का युद्ध या फिर देश के भीतर चुनौतियां, हरियाणा के रणबाँकुरों ने हमेशा आगे बढक़र देश की सेवा की है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने यह बात आज यमुनानगर में आयोजित शहीदी दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए कही। इस अवसर पर उन्होंने अमर शहीद राव तुला राम के छाया चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की एवं शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया।

उन्होंने कहा कि हमारे सैनिक और अर्धसैनिक बलों के जवान न सिर्फ सीमाओं पर लड़ते हैं बल्कि आपदाओं, आंतकी हमलों और अन्य संकट के समय देशवासियों के लिए ढाल बनकर खड़े रहते हैं, उनका त्याग, अनुशासन और समर्पण हम सब के लिए प्ररेणा का स्त्रोत है। आज का दिन केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है बल्कि यह संकल्प लेने का दिन है कि हम अपने वीर सैनिकों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हम उनके परिवारजनों के सम्मान, पुनर्वास और उनकी सुरक्षा व कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं ।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि सशस्त्र बलों और अर्ध सैनिक बलों के शहीदों के परिजनों को 2014 से अब तक कुल 418 आश्रितों को अनुकंपा आधार पर नियुक्ति प्रदान की गई हैं। हरियाणा सरकार द्वारा युद्ध में शहीद होने पर सशस्त्र बलों और अर्ध सैनिक बलों के कर्मियों के लिए अनुग्रह राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सरकार सभी शौर्य पुरस्कार और विशिष्ट सेवा पदक प्राप्त करने वाले अग्निवीरों को नियमित सशस्त्र बल कर्मियों की तरह नकद पुरस्कार देने वाला पहला राज्य है। हरियाणा सरकार द्वारा युद्ध में शहीद होने की स्थिति में अग्निवीरों के लिए अनुग्रह राशि 1 करोड़ रुपये की राशि की गई है।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि हम अपने बहादुर जवानों को धन्यवाद दें, जिन्होंने साहस, सम्मान और अनुशासन के साथ देश की सेवा की है। उनके बलिदान हमारे देश की शांति और प्रगति की नींव हैं। आज, हम 1857 की पहली स्वतंत्रता संग्राम के नायक राव तुलाराम जी की याद में हरियाणा वीर शहीदी दिवस भी मना रहे हैं। राव तुलाराम 1857 के भारतीय विद्रोह में एक प्रमुख व्यक्ति थे, जो हरियाणा के रेवाड़ी रियासत से थे। ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में उनके साहसी नेतृत्व और योगदान के लिए उन्हें हरियाणा का नायक माना जाता है।

इस कार्यक्रम में हरियाणा के 7 जिलो पंचकूला, यमुनानगर, अम्बाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत से सैनिक एवं अर्धसैनिक बलों के जवान शामिल हुए। कैबिनेट मंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए डीएवी गर्ल्स कॉलेज को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की।

By Gurpreet Singh

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