वाशिंगटन (राजीव शर्मा): डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हालिया फोन वार्ता को “उत्कृष्ट” करार दिया है, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के समय दोनों नेताओं के घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित करते हुए।
मीडिया को संबोधित करते हुए ट्रंप ने मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और उन्हें विश्वसनीय मित्र बताया। उन्होंने कहा कि चर्चा में क्षेत्रीय सुरक्षा व द्विपक्षीय सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात हुई।
यह बातचीत सप्ताह की शुरुआत में हुई और खासतौर पर ईरान की स्थिति पर केंद्रित रही, जहां चल रहा संघर्ष वैश्विक बाजारों में चिंताएं बढ़ा रहा है। अस्थिरता ने ऊर्जा आपूर्ति को विशेष रूप से प्रभावित किया है, तेल परिवहन मार्गों में बाधा आ रही है।
दोनों नेताओं ने कथित रूप से हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा व निर्बाध कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया, जो विश्व के अधिकांश कच्चे तेल का प्रमुख गलियारा है। ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों के लिए इसकी पहुंच सुनिश्चित करना प्राथमिकता बनी हुई है।
कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि यह संवाद करीब 40 मिनट चला और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के साझा संकल्प को दर्शाता है। नेताओं ने वैश्विक चुनौतियों के बदलते परिदृश्य में दोनों देशों के सहयोग को मजबूत करने पर भी विचार विमर्श किए।
यह ट्रंप-मोदी के बीच इस साल तनाव बढ़ने के बाद दूसरी बातचीत थी, जो नई दिल्ली व वाशिंगटन के बीच प्रमुख अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निरंतर संलग्नता का संकेत देती है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी उच्चस्तरीय संचार वैश्विक संकटों—खासकर व्यापार, सुरक्षा व आर्थिक स्थिरता से जुड़े—के जवाबों को समन्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
