लखनऊ (राजीव शर्मा): अपनी सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान सरकार की मूल जिम्मेदारी बना रहेगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में ‘जनता दरबार’ कार्यक्रम के दौरान लोगों से संवाद करते हुए यह टिप्पणी की ।
लोक संपर्क कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों का निश्चित समयसीमा में समाधान करें और वास्तविक मामलों को तत्काल ध्यान दें। उन्होंने जोर दिया कि शासन प्रतिक्रियाशील हो और राज्य के लगभग 25 करोड़ निवासियों के जीवन सुधार पर केंद्रित रहे।
कई व्यक्तियों ने व्यक्तिगत व वित्तीय कठिनाइयों के साथ मुख्यमंत्री से संपर्क किया। इनमें बरेली की एक महिला शामिल थीं जिन्होंने छोटे स्ट्रीट वेंडिंग व्यवसाय चलाते हुए परिवार का पालन-पोषण करने की अपनी संघर्षपूर्ण कहानी सुनाई। उनकी स्थिति नोट करते हुए आदित्यनाथ ने जिला अधिकारियों को पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभ प्रदान करने और तत्काल स्थानीय सहायता देने का निर्देश दिया।
आवास संबंधी चिंताएँ भी प्रमुख रहीं, कई आवेदकों ने आश्रय के लिए समर्थन मांगा। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि पात्र लाभार्थी प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत कवर होंगे। उन्होंने उनके आवेदनों को जिला अधिकारियों को सौंपा, उचित सत्यापन और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देशों के साथ।
इसके अलावा, चिकित्सा उपचार से जुड़ी वित्तीय सहायता के अनुरोध उठे। आदित्यनाथ ने अधिकारियों से उपचार लागत का आकलन कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा ताकि सहायता बिना विलंब व्यवस्थित हो सके। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के लिए धन जुटाने में संघर्षरत अभिभावकों की चिंताओं को भी संबोधित किया, अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय कठिनाई के कारण कोई बच्चा पढ़ाई न छोड़े।
मुख्यमंत्री ने अवैध अतिक्रमणों और कथित पुलिस लापरवाही से जुड़ी शिकायतों का भी संज्ञान लिया, तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने कहा कि ‘जनता दरबार’ पहल नागरिकों और प्रशासन के बीच प्रत्यक्ष संवाद का मंच बनी हुई है, जो जमीनी स्तर पर मुद्दों का त्वरित समाधान सक्षम बनाती है ।
