लखनऊ (राजीव शर्मा): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले नौ साल के शासनकाल को कृषि क्रांति का दौर बताते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश की कृषि विकास दर मात्र 8 फीसदी से उछलकर 18 फीसदी तक पहुंच गई है। उन्होंने इस सफलता का पूरा श्रेय लगातार नीतिगत फैसलों और संसाधनों के सही उपयोग को दिया। उन्होंने बुधवार को लखनऊ में छठी उत्तर प्रदेश कृषि विज्ञान कांग्रेस-2026 का उद्घाटन करते हुए ये आंकड़े साझा किए।
भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बनकर योगी ने कहा कि देश की सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य, जो कुल 16-17 फीसदी जनसंख्या समेटे हुए है, उसके पास 11 फीसदी खेती योग्य जमीन है। यही कारण है कि यहां से देश के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 फीसदी हिस्सा आता है। सबसे उपजाऊ मिट्टी और अपार जल संसाधनों का सही इस्तेमाल करने से ये आंकड़े चमक उठे हैं।
योगी ने जोर देकर कहा कि थोड़े से प्रयासों ने नौ सालों में चमत्कार कर दिखाया। पहले जहां किसानों को संकटों का सामना करना पड़ता था, वहां अब आत्मनिर्भरता की कहानी लिखी जा रही है।
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के वैज्ञानिक नवाचारों और भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। योगी सरकार का फोकस किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर है, जिसके चलते गेहूं उत्पादन में भी राज्य नंबर वन बना हुआ है।
योगी आदित्यनाथ का बड़ा दावा, 9 साल में उत्तर प्रदेश का कृषि विकास 8 से 18 प्रतिशत तक पहुंचा
