नई दिल्ली (राजीव शर्मा): भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। ये FY26 के 7.6 प्रतिशत प्रोजेक्शन से कम है। ऐसे में वेस्ट एशिया टेंशन, ऊंचे कमोडिटी प्राइस और सप्लाई चेन डिसरप्शन को जिम्मेदार ठहराया गया। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मॉनेटरी पॉलिसी में ये आंकड़े पेश किए।
मल्होत्रा ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉकेज से शिपिंग-इंश्योरेंस कॉस्ट बढ़ी, और एक्सपोर्ट्स पर असर पड़ा। हालांकि सर्विस सेक्टर की मजबूती, GST रेट रेशनलाइजेशन, मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और स्ट्रॉन्ग बैंकिंग बैलेंस शीट्स डोमेस्टिक डिमांड को सपोर्ट करेंगे।
ऊर्जा-कमोडिटी प्राइस स्पाइक और स्ट्रेट डिसरप्शन FY27 प्रोडक्शन को हिट करेंगे। बजट 2026-27 के स्ट्रैटेजिक सेक्टर्स पुश (मैन्युफैक्चरिंग बूस्ट) लॉन्ग टर्म के लिए पॉजिटिव बताया जा रहा है।
क्वार्टर वाइज ब्रेकडाउन
Q1: 6.8%, Q2: 6.7%, Q3: 7.0%, Q4: 7.2%। वेस्ट एशिया में जंग ने ग्लोबल सप्लाई चेन को झटका दिया जिसकी वजह से ऊंचे दाम और स्लो ग्रोथ देखने को मिली।
RBI का अनुमान: FY27 में GDP ग्रोथ 6.9%, 7.6 प्रतिशत प्रोजेक्शन से कम
