कुरुक्षेत्र(बलविंदर सिंह): हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से एक विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन रवाना की, जिससे 800 से अधिक श्रद्धालु श्री तख्त सचख़ंड श्री हज़ूर अब्चलनगर साहिब जाने के लिए रवाना हुए।
तीर्थ दर्शन योजना के तहत यात्रा
यह यात्रा “मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना” के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें राज्य के नौ जिलों से आए श्रद्धालु शामिल थे। सैनी ने इस ट्रेन सेवा को दो आध्यात्मिक महत्व के केंद्रों को जोड़ने वाली प्रतीकात्मक कड़ी बताया और श्रद्धालुओं से नित जीवन में सिख गुरुओं की शिक्षाओं को आत्मसात करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि तीर्थ यात्राएं केवल धार्मिक रस्में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम भी हैं। “ऐसी यात्राएं लोगों को उनकी जड़ों से जोड़ती हैं और युवा पीढ़ी को सेवा और बलिदान के मूल्यों को समझने के लिए प्रेरित करती हैं,” उन्होंने कहा।
दूसरी प्रमुख यात्रा: सोमनाथ
सैनी ने यह भी घोषित किया कि 8 जून को सोमनाथ मंदिर की बड़ी पैमाने पर तीर्थ यात्रा आयोजित की जाएगी, जिसे भारत की स्थायी आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया गया। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” मनाए जाने का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अयोध्या के लिए पहले से ही विशेष ट्रेन चलाई जा चुकी हैं और 15 मई को सिरसा से श्री सचखंड हज़ूर साहिब के लिए एक और विशेष ट्रेन रवाना होगी; आने वाले महीनों में इसी तरह की अन्य धार्मिक यात्राएं भी आयोजित की जाने की योजना है।
राजनीतिक और शैक्षिक टिप्पणियां
सैनी ने यात्रा समारोह के दौरान कुछ राजनीतिक टिप्पणियां भी कीं और कहा कि भाजपा पंजाब में अपनी उपस्थिति का दायरा बढ़ाएगी, क्योंकि केंद्र की नीतियों को जनसमर्थन मिल रहा है।
इससे पहले दिन में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने विकसित भारत की दृष्टि के लिए महिला सशक्तिकरण की अहमियत पर बल दिया। उन्होंने ए.आई. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI केंद्र) को मजबूत करने, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए विशेष कोचिंग कार्यक्रम शुरू करने और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए आधुनिक हॉस्टल सुविधाओं के निर्माण की योजना भी रखी।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों का समर्थन नहीं किया और उम्मीद जताई कि महिला मतदाता भविष्य के चुनावों में निर्णायक प्रतिक्रिया देंगी।
