नई दिल्ली (गुरप्रीत सिंह): आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को अपनी पार्टी के सात राज्यसभा सहयोगियों पर लोगों के जनादेश का विश्वासघात कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़ने का आरोप लगाकर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिंह ने कथित बदलाव पर तीखी नाराजगी जताई व पंजाब की जनता से शामिल नेताओं पर नजर रखने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका निर्णय विश्वास का उल्लंघन है, खासकर पार्टी व मतदाताओं से मिले समर्थन को देखते हुए।
सिंह ने विशेष रूप से राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह व राजेंद्र गुप्ता का नाम लिया जो आप से अलग हो गए। उन्होंने उनके राजनीतिक सफर पर प्रकाश डाला, नोट किया कि कई ग्रासरूट पृष्ठभूमि से उठे या पार्टी द्वारा राज्यसभा नामांकन से पहले महत्वपूर्ण अवसर दिए गए।
सिंह के अनुसार, आप व पंजाब की जनता ने इन नेताओं के करियर को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, हर चरण पर विश्वास व जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने तर्क दिया कि उनका पक्ष बदलना दिए गए जनादेश को कमजोर करता है व राज्य में शासन पर असर डाल सकता है।
ये टिप्पणियां सांसदों के पुनर्संरचना की खबरों के बाद बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आई हैं, जो संसदीय समीकरण बदल सकता है व सत्तारूढ़ पार्टी व विपक्षी समूहों के बीच मुकाबले को तेज कर सकता है।
प्रश्नगत नेताओं ने अभी आरोपों पर विस्तृत जवाब नहीं दिया, लेकिन विवाद पहले ही पार्टी रेखाओं पर तीखी प्रतिक्रियाएं भड़का चुका है, जिसमें आने वाले दिनों में और राजनीतिक घटनाक्रम अपेक्षित हैं।
