चीन ने वैश्विक राय प्रभावित करने के लिए एआई व सोशल मीडिया का सहारा लिया; अमेरिका के साथ डिजिटल प्रतिद्वंद्विता गहरी हुई

बीजिंग/वाशिंगटन (राजीव शर्मा): चीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता व सोशल मीडिया को अंतरराष्ट्रीय विमर्श को आकार देने के रणनीतिक उपकरणों के रूप में तेजी से अपना रहा है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ उसके चल रहे कथा युद्ध में नया चरण चिह्नित करता है। घरेलू इंटरनेट स्थानों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के बाद, बीजिंग अब बाहर की ओर ध्यान केंद्रित कर रहा है—वैश्विक दर्शकों के लिए लक्षित सामग्री तैयार कर रहा है।

हालिया उदाहरण में चीनी राज्य मीडिया द्वारा प्रसारित एआई-जनित एनिमेटेड वीडियो शामिल है, जो प्रतीकात्मक कथा के माध्यम से भू-राजनीतिक तनावों को दर्शाता है। इस क्लिप में संयुक्त राज्य अमेरिका को प्रभुत्वशाली, आक्रामक शक्ति के रूप में चित्रित किया गया है, जबकि उसके प्रतिद्वंद्वी प्रतिरोध करते व पुनर्गठित होते दिखाए गए हैं। कथा व्यंग्य को राजनीतिक संदेश के साथ मिश्रित करती है, जो चीन के दृष्टिकोण संप्रेषण के तरीके में व्यापक बदलाव को प्रतिबिंबित करती है।

ऐसी रचनाएं अलग-थलग नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में चीनी आउटलेट्स ने अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना करने वाले व वैश्विक नेतृत्व महत्वाकांक्षाओं पर सवाल उठाने वाले कई एआई-चालित वीडियो व रचनात्मक सामग्री टुकड़े जारी किए हैं। ये कथाएं अक्सर हास्य, सांस्कृतिक संदर्भों व नाटकीय दृश्यों को शामिल करती हैं ताकि वे अधिक संबंधित बनें, खासकर युवा दर्शकों के लिए।

यह दृष्टिकोण राष्ट्रपति शी चिनफिंग के चीन की वैश्विक दृष्टिकोण प्रस्तुत करने की क्षमता मजबूत करने व पश्चिमी प्रभुत्व वाली कथाओं को चुनौती देने पर लंबे समय से जोर से मेल खाता है। विश्लेषकों का मानना है कि देश पारंपरिक, कठोर प्रचार प्रारूपों से हटकर अधिक आकर्षक व साझा करने योग्य डिजिटल सामग्री की ओर बढ़ रहा है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि यह विकास महत्वपूर्ण है। एआई-संचालित “इन्फोटेनमेंट”—जानकारी को मनोरंजन के साथ मिश्रण—विश्व भर के जेन जेड दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने में विशेष रूप से प्रभावी सिद्ध हुआ है। संगीत, एनिमेशन व कथा का उपयोग कर चीनी संप्रेषक आधुनिक सामग्री उपभोग आदतों के अनुकूल ढल रहे हैं।

इधर, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इन विकासों पर बढ़ती चिंता व्यक्त की है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि विदेशी सरकारों के राज्य-प्रायोजित डिजिटल अभियान सार्वजनिक राय को प्रभावित कर राष्ट्रीय हितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। वाशिंगटन कथित तौर पर ऐसी कथाओं का मुकाबला करने व अपनी वैश्विक प्रभाव बनाए रखने के लिए अपनी संचार रणनीतियों को मजबूत कर रहा है।

चीन ने आधिकारिक खातों, राजनयिकों, सामग्री सर्जकों व स्वचालित प्रणालियों के नेटवर्क के माध्यम से प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी उपस्थिति भी विस्तारित की है, जिससे उसका संदेश व्यापक अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे।

विशेषज्ञ नोट करते हैं कि चीन से जो कभी औपचारिक व संयमित संदेश माने जाते थे, वे अब अधिक गतिशील व प्रेरक डिजिटल रणनीति में बदल गए हैं। दोनों राष्ट्र ऑनलाइन धारणाओं को आकार देने में निवेश करते हुए, प्रभाव के लिए संघर्ष अब केवल नीतियों या कूटनीति से नहीं, बल्कि स्क्रीन्स, एल्गोरिदम व वायरल सामग्री के माध्यम से लड़ा जा रहा है।

By Rajeev Sharma

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