लखनऊ (राजीव शर्मा): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रसिद्ध सामाजिक सुधारक ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, सामाजिक न्याय व शिक्षा के प्रति उनके स्थायी योगदान को रेखांकित करते हुए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेश में, मुख्यमंत्री ने फुले को समाज के हाशिए पर पड़े व वंचित वर्गों की अग्रणी आवाज बताया। उन्होंने जोर दिया कि फुले के प्रयासों ने अधिक न्यायपूर्ण व प्रगतिशील सामाजिक संरचना की नींव रखी।
आदित्यनाथ ने नोट किया कि सुधारक का दृष्टिकोण सभी को सामाजिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना शिक्षा, गरिमा व समान अवसर सुनिश्चित करने पर केंद्रित था। उन्होंने टिप्पणी की कि फुले का कार्य पीढ़ियों को प्रेरित करता रहता है तथा समावेशी समाज की खोज में मार्गदर्शक शक्ति के रूप में कार्य करता है।
इन आदर्शों का पालन करने की अपील करते हुए, मुख्यमंत्री ने नागरिकों से फुले द्वारा प्रचारित मूल्यों को अपनाकर अधिक समानता पूर्ण व जागरूक समाज निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
इधर, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक ने भी सामाजिक चिंतन को बदलने व वंचितों के अधिकारों की वकालत में उनकी भूमिका को स्वीकार करते हुए सुधारक को याद किया।
