इंफ्रास्ट्रक्चर से इम्पैक्ट तक: पीजीआई ने बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए अस्पताल इंजीनियरिंग को सशक्त किया

चंडीगढ़ (नवल किशोर): अस्पताल इंजीनियरिंग, प्लानिंग और आर्किटेक्चर विभाग के लिए लीडरशिप और मैनेजमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम का तीसरा सत्र शनिवार को PGIMER, चंडीगढ़ में सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के तत्वावधान में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में तीन मॉड्यूल शामिल थे, जिनका फोकस नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और संस्थान में इंजीनियरिंग सेवाओं को मजबूत करने हेतु व्यवहारिक तथा क्रियान्वयन योग्य योजनाओं के विकास पर था। विभिन्न इंजीनियरिंग क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने इंटरैक्टिव सत्रों, रोल-प्ले और समूह गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

पहले दो प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान, इंजीनियरिंग अधिकारियों ने व्यापक समूह कार्य के माध्यम से विज़न और मिशन स्टेटमेंट विकसित किए थे, जिन्हें बाद में विज़न, मिशन, कोर वैल्यूज़ और स्ट्रैटेजिक पिलर्स के एक व्यापक ढाँचे में समेकित किया गया। इस समेकित पोस्टर का औपचारिक विमोचन PGIMER के माननीय निदेशक डॉ. विवेक लाल द्वारा तीसरे प्रशिक्षण सत्र के दौरान किया गया। यह ढाँचा अस्पताल इंजीनियरिंग, प्लानिंग और आर्किटेक्चर विभाग की गतिविधियों को विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय दृष्टि के अनुरूप दिशा देने की अपेक्षा रखता है।
डॉ. विवेक लाल ने प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए और उनके समर्पण की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने इंटरडिपार्टमेंटल एकीकरण के महत्व पर बल देते हुए कहा कि इंजीनियरिंग और मेडिकल टीमों के बीच प्रभावी सहयोग रोगी सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस पहल को एक प्रगतिशील कदम बताया और ऐसे अंतरविभागीय प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रो. अरुण के. अग्रवाल, विभागाध्यक्ष, ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. विवेक लाल की गरिमामयी उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अस्पताल इंजीनियरिंग में नेतृत्व क्षमता को मजबूत करना प्रभावी स्वास्थ्य सेवा वितरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि ऐसे संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम समस्या-समाधान कौशल को विकसित करते हैं, जवाबदेही को बढ़ावा देते हैं और विभागीय लक्ष्यों को संस्थागत प्राथमिकताओं के अनुरूप संरेखित करते हैं।

प्रो. सोनू गोयल, प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, ने स्वास्थ्य प्रणालियों को सुदृढ़ करने में नेतृत्व और प्रबंधन कौशल की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग पेशेवरों को इन क्षमताओं से सशक्त करना सेवा वितरण में सुधार, नवाचार को प्रोत्साहन और अंततः बेहतर रोगी परिणामों में योगदान देता है। सभी प्रतिभागियों ने व्यक्त किया कि ऐसे प्रशिक्षण पहल विभाग को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में अत्यंत सहायक होंगी।

कार्यक्रम का समापन अंतरविभागीय समन्वय को और मजबूत करने तथा गुणवत्ता-आधारित स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में अस्पताल इंजीनियरिंग को एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में आगे बढ़ाने की नई प्रतिबद्धता के साथ हुआ।

By Gurpreet Singh

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