चंडीगढ़ (नवल किशोर): पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत मातृ एवं शिशु पोषण विषय पर केंद्रित जागरूकता एवं जनसंपर्क गतिविधियों की एक श्रृंखला सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस दौरान एक कार्यक्रम में एएनएम एवं एलएचवी द्वारा जानकारीपूर्ण व्याख्यान दिए गए, जिनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इसके उपरांत गर्भवती महिलाओं के सम्मान एवं उत्साहवर्धन हेतु पारंपरिक गोद भराई समारोह का आयोजन किया गया।
मलोया में गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए स्वस्थ आहार एवं जीवनशैली पर एक जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। इस सत्र में संतुलित पोषण, स्वच्छता एवं स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया गया, ताकि मां और शिशु दोनों का समुचित स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।
अभियान के तहत बुरैल में एक पोषण रैली का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय समुदाय ने सक्रिय भागीदारी करते हुए पौष्टिक आहार एवं स्वस्थ खान-पान की आदतों के प्रति जागरूकता फैलाई। इसके अतिरिक्त, आर.सी. धनास में इम्पैक्ट ग्रुप द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसके माध्यम से पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचाए गए।
अभियान के अंतर्गत विभिन्न पूरक गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिनमें समग्र स्वास्थ्य के लिए आयुष पर व्याख्यान, फूड फोर्टिफिकेशन की आवश्यकता पर जागरूकता, तथा ‘पोषण के पंच सूत्र’ का प्रचार-प्रसार शामिल रहा। घर-घर जाकर पूरक आहार प्रथाओं को बढ़ावा दिया गया तथा बच्चों के आहार में मिलेट्स के शीघ्र समावेश के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही स्तनपान की शीघ्र शुरुआत, गर्भवती महिलाओं के लिए मिलेट्स के माध्यम से पोषण समर्थन, नियमित वृद्धि निगरानी, 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा को सुदृढ़ करना एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
इन सभी गतिविधियों में समुदाय की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिसने पोषण, स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा पोषण पखवाड़ा 2026 के उद्देश्यों को सशक्त किया।
