चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने सांस्कृतिक पहल में बड़ा कदम उठाया है। श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को राज्यव्यापी अभूतपूर्व स्तर पर मनाने के लिए विस्तृत कार्यक्रम कैलेंडर तैयार किया गया है।
यह रूपरेखा पंजाब भवन में मुख्यमंत्री और संत समाज के सदस्यों की बैठक में बनी, जहां संत के जीवन और शिक्षाओं को समर्पित कई आयोजन मंजूर हुए। उत्सव पूरे एक साल चलेंगे, जो आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक एकता पर नया जोर दिखाते हैं।
योजना में सेमिनार, कीर्तन समागम, धार्मिक यात्राएं और शैक्षिक गतिविधियां शामिल हैं। साथ ही सामुदायिक अभियान जैसे पौधरोपण और रक्तदान शिविर भी होंगे। मुख्य आकर्षण 650 एकड़ पंचायती जमीन पर ‘गुरु रविदास बागीचों’ का विकास होगा, जिसमें जिलों में लाखों पौधे लगाए जाएंगे।
प्रमुख स्मृति समारोह खुरालगढ़ साहिब में होगा, जो गुरु रविदास जी से जुड़ा स्थल है। यहां उनके जीवन पर प्रदर्शनियां, कथा-कीर्तन, संत सम्मेलन और मीनार-ए-बेगमपुरा पर ड्रोन शो व 3डी प्रोजेक्शन होंगे—परंपरा को आधुनिकता से जोड़ते हुए।
अधिकारियों ने कहा कि यह व्यापक तैयारी सरकार की मंशा को दर्शाती है, जो समानता, गरिमा और सामाजिक न्याय का संदेश फैलाने पर केंद्रित है। स्कूली प्रतियोगिताएं, मैराथन और सांस्कृतिक रैलियां भी होंगी, ताकि समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो।
यह पहल पहले सिख आयोजनों की तर्ज पर है और पंजाब की आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित रखते हुए समुदायों में एकता व समावेशिता बढ़ाने का हिस्सा मानी जा रही है।
