सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले को मिलेगा डिजिटल विस्तार, अब साल भर ऑनलाइन बिकेंगे हस्तशिल्प उत्पाद: डॉ. श्रीवत्स कृष्ण

Surajkund

चंडीगढ़, 31 जनवरी- भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्ण ने कहा कि प्रधानमंत्री के विज़न के अनुरूप शिल्पकारों के हुनर को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए सूरजकुंड मेले का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इसके माध्यम से कारीगर अब केवल मेले के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष अपना हस्तनिर्मित सामान विश्वभर में बेच सकेंगे।

पर्यटन मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्ण शनिवार को सूरजकुंड मेला परिसर के कन्वेंशन हॉल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।  इस अवसर पर  निदेशक पार्थ गुप्ता,  सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त निदेशक वर्षा खांगवाल मौजूद रहें।

सूरजकुंड मेला पारंपरिक शिल्पकारों के लिए ग्लोबल लॉन्च पैड

उन्होंने कहा कि सूरजकुंड मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे पारंपरिक शिल्पकारों के लिए एक ग्लोबल लॉन्च पैड है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के आने से हमारे ग्रामीण कारीगरों की पहुंच सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार तक होगी। उन्होंने पर्यटकों से आह्वान किया कि वे ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को सार्थक करें और शिल्पकारों द्वारा बनाए गए उत्पादों की खरीदारी अवश्य करें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार, मेला अथॉरिटी का लक्ष्य मेले को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना और केवल हस्तनिर्मित उत्पादों को ही बढ़ावा देना है।

मेले की अवधि को दो सप्ताह से बढ़ाकर चार सप्ताह करने का विचार

डॉ. श्रीवत्स कृष्ण ने कहा कि शिल्पकारों और पर्यटकों के उत्साह को देखते हुए मेले की अवधि को वर्तमान दो सप्ताह से बढ़ाकर चार सप्ताह करने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही केंद्रीय पर्यटन मंत्री के निर्देशानुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्पकारों को मेले में विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि

उनके हुनर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया जा सकें।

बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान : डॉ अमित अग्रवाल

आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा कि इस वर्ष मेले के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है। कच्ची हटों को पक्का किया गया है और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। इसके साथ ही मेले  में साज सजावट सहित सभी प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। उन्होंने बताया कि थीम राज्य’ और ‘थीम देश’ के चयन की प्रक्रिया जुलाई से ही शुरू हो जाती है, जिसे रोटेशन के आधार पर तय किया जाता है।

उन्होंने कहा कि पर्यटक मेले की टिकट काउंटर के साथ-साथ ऑनलाइन भी खरीद सकेंगे। डीएमआरसी द्वारा ऑनलाइन टिकट की बिक्री  शुरू कर दी गई है। पर्यटकों के लिए कैश, यूपीआई  और ऑनलाइन माध्यमों से भुगतान की सुविधा उपलब्ध रहेगी। ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी ना हो। उन्होंने कहा कि मेले के समापन के बाद एक समीक्षा बैठक की जाएगी ताकि भविष्य में कमियों को दूर कर इसे और बेहतर बनाया जा सके।

By Balwinder Singh

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