हरियाणा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, गुरुग्राम में बनेगी खास अनाज मंडी: कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा

चंडीगढ़, 6 जुलाई – हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने रविवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने गुरुग्राम में एक विशेष अनाज मंडी तैयार की है, जहां प्राकृतिक खेती से उत्पादित फसलों की बिक्री की जाएगी।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रविवार को उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र, लाडवा में आयोजित 7वें फल उत्सव मेले में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने फल केंद्र परिसर में आम का पौधा रोपित किया। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बागवानी क्षेत्र के प्रगतिशील 10 किसानों को 5100 रुपए, ट्राफी और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही मेले में लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर आम की किस्म के बारे में विशेषज्ञ से जानकारियां प्राप्त की।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में एक लाख एकड़ में प्राकृतिक खेती करके फसलों को तैयार किया जा सके। अब तक 10 हजार एकड़ में किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती की जा रही है, ये दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में लाडवा में इंडो इजराइल तकनीक के तहत उप उष्णकटिबंधीय फल केंद्र स्थापित किया गया था। इस केंद्र की 10 हजार पौधों से शुरुआत हुई थी, अब प्रतिवर्ष 1 लाख पौधों की पौध किसानों के लिए तैयार की जा रही है। साथ ही आम, लीची, नाशपाती, आडू व चीकू सहित छह फसलों पर अनुसंधान किया जा रहा है। इसके फल केंद्र में वैज्ञानिकों द्वारा एक ऐसा आम का पेड़ तैयार किया जा रहा है, जिसके फल की मार्केट में करीब 1 लाख रुपए प्रति किलो कीमत मिल सकती है। साथ ही एक पौधे को छह कलमों से तैयार करके छह प्रकार के फल एक ही पेड़ से प्राप्त किया जा रहे हैं।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने और परंपरागत खेती में बदलाव लाने के लिए प्रदेश में ऐसे 17 केंद्र खोले जाने हैं, जिनमें से 11 बनकर तैयार हो चुके हैं। जल्द ही अंबाला में लीची और स्ट्रॉबेरी के लिए यमुनानगर में उप केंद्र स्थापित किया जाएगा। किसानों के लिए गेहूं और धान की फसल के अलावा बागवानी, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, डेयरी व अन्य फसलों को अपनाने की जरूरत है।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार किसानों के लिए योजनाएं बना रही है। योजना बनने के बाद किसानों की तरफ से जो समस्या, दिक्कत सामने आती है, उसे उसी हिसाब से योजना में परिवर्तन करके किसानों को लाभ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि देश में किसान महत्वपूर्ण कड़ी है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए किसानों को अपनी परंपरागत खेती में बदलाव करते हुए कृषि के क्षेत्र को आगे बढ़ाने की जरूरत है। सरकार द्वारा किसानों की फसल का मार्केट में एमएसपी से कम भाव मिलने पर भावांतर भरपाई योजना के तहत क्षतिपूर्ति की जाती है। किसानों के घाटे को सरकार वहन करती है।

उन्होंने कहा कि खनन से होने वाले गड्ढों का प्रयोग मछली पालने के लिए किया जाएगा। नई योजनाओं से हर वर्ग की आमदनी को बढ़ाकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2027 तक हमारा देश विश्व की तीसरी बड़ी शक्ति बन जाएगा।

इस मौके पर चेयरमैन श्री धर्मवीर मिर्जापुर सहित प्रदेशभर से आए किसान मौजूद रहे।

By Balwinder Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *