चंडीगढ़, 23 मार्च (नवल किशोर): पंजाब के राज्यपाल एवं यू.टी. चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया ने आज म्यूज़ियम ऑफ ट्रीज़, गांव दरिया, चंडीगढ़ का दौरा कर शहीद भगत सिंह के शहादत दिवस पर आनुवंशिक रूप से तैयार बेर के पौधे को जल देकर श्रद्धांजलि अर्पित की। मूल वृक्ष भगत सिंह ने वर्ष 1917 में पाकिस्तान के फैसलाबाद स्थित अपने पैतृक गांव बांगे में लगाया था, उस समय उनकी आयु मात्र दस वर्ष थी।
राज्यपाल ने शहीद भगत सिंह के साहस और आदर्शों को नमन किया। उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह आज भी अपने देशभक्ति, दृढ़ विश्वास और निर्भीकता से पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए समर्पण और जिम्मेदारी के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने म्यूज़ियम ऑफ ट्रीज़, चंडीगढ़ द्वारा वैज्ञानिक तरीकों से ऐतिहासिक महत्व के वृक्षों को संरक्षित करने के प्रयासों की सराहना की और राष्ट्रीय नायकों से जुड़ी विरासत के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से भगत सिंह से प्रेरणा लेकर पर्यावरण और राष्ट्र की विरासत को संरक्षित करने में योगदान देने का आह्वान किया।
श्री डी.एस. जसपाल, सेवानिवृत्त IAS एवं म्यूज़ियम ऑफ ट्रीज़ के संस्थापक, ने महत्वपूर्ण वृक्षों के आनुवंशिक क्लोनिंग के माध्यम से आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में संग्रहालय की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की विरासत केवल स्मारकों में ही नहीं, बल्कि वृक्षों में भी जीवित है और इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना आवश्यक है।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री विवेक प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान संग्रहालय टीम ने महत्वपूर्ण और पवित्र वृक्षों के आनुवंशिक रूप से संरक्षित प्रतिरूपों के संरक्षण संबंधी अपने कार्यों की जानकारी साझा की।
