श्याम सिंह राणा का हरियाणा के किसानों को आश्वासन, फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी

चंडीगढ़ (बलविंदर सिंह): हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसानों को फ़सल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। गेहूं खरीद सीजन के दौरान 24 घंटे मंडियों खुली रहेंगी। गेटपास और बिक्री भी हर समय बनी रहेगी।

श्री श्याम सिंह राणा ने आज अनाज मंडी थानेसर की मार्केट कमेटी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को बेचने में समय की बचत करने तथा खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि किसान की फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा और फसल बेचने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी गेहूं खरीद पर बहुत गंभीर है।

उन्होंने बताया कि उन्होंने अधिकारियों के साथ गेहूं की आवक व उठान कार्य, माल ढुलाई कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की है।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के मंत्री व विधायक लगातार मंडियों का निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि किसान को अपनी फसल बेचने में पोर्टल संबंधी या अन्य कोई समस्या न आए। उन्होंने किसानों व आढ़तियों से यह भी अपील की कि वे प्रशासन के साथ आपसी सहयोग व तालमेल से फसल के उठान की समस्या को दूर कर सकते हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि किसान अपनी फसल को ट्रैक्टर-ट्रॉली के अतिरिक्त अन्य पारंपरिक साधनों जैसे बैलगाड़ी आदि के माध्यम से भी मंडी में ला सकते हैं। यदि ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट उपलब्ध नहीं है तो किसान ट्रैक्टर पर पेंट द्वारा पंजीकरण संख्या लिखकर अथवा कागज पेपर स्टीकर पर पंजीकरण संख्या अंकित कर मंडी में फसल ला सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों को गेट पास काटने के लिए प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कच्चे कर्मचारियों की तैनाती की गई है।

श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण किसान स्वयं, भूमि का मालिक अथवा वह व्यक्ति जो भूमि को पट्टे पर लेकर खेती कर रहा हो, तीनों में से कोई भी कर सकता है। किसान भूमि मालिक पट्टेदार किसान अपने नामित व्यक्तियों को भी पोर्टल पर पंजीकृत कर सकता है। उन्होंने कहा कि किसान स्वयं या उसके द्वारा नामित अधिकतम तीन व्यक्ति ही रबी फसल विक्रय के लिए मंडी में ला सकेंगे। किसान या नामित व्यक्तियों का सत्यापन फिंगर स्केनिंग बायोमेट्रिक उपकरण के माध्यम से किया जाएगा। यदि फिंगर स्कैनिंग से सत्यापन संभव नहीं हो पाता है, तो आंख स्कैनिंग बायोमेट्रिक उपकरण द्वारा भी सत्यापन किया जा सकेगा। यह बायोमेट्रिक प्रक्रिया मंडी गेट पर नहीं, बल्कि गेहूं की खरीद के समय की जाएगी।

By Balwinder Singh

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