नई दिल्ली (राजीव शर्मा): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के ताज़ा अंक में आगामी जनगणना 2027 में व्यापक जन भागीदारी की अपील की, इसे सामूहिक राष्ट्रीय दायित्व बताया।
सटीक आंकड़ा संग्रहण के महत्व पर बल देते हुए, मोदी ने कहा कि नागरिक इस प्रयास की सफलता सुनिश्चित करने में प्रमुख भूमिका निभाएँगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनगणना के दौरान एकत्र व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित व गोपनीय रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रक्रिया में डिजिटल उपकरण शामिल होंगे, गणनाकर्ता मोबाइल एप्लीकेशन्स का उपयोग कर घरों में जाएँगे। इसके अतिरिक्त, लोग इन यात्राओं से पहले ऑनलाइन विवरण जमा कर सत्यापन ID प्राप्त कर सकेंगे।
शासन मुद्दों के साथ, प्रधानमंत्री ने वैश्विक तनावों पर चिंतन किया और लोगों से गौतम बुद्ध की शिक्षाओं से प्रेरणा लेने को कहा। आज के अनिश्चित विश्व में शांति व आत्म-अनुशासन की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि बुद्ध दर्शन संघर्ष के समय मार्गदर्शन प्रदान करता रहता है।
मोदी ने बुद्ध पूर्णिमा पूर्व शुभकामनाएँ दीं और बौद्ध शिक्षाओं में बढ़ते वैश्विक आकर्षण पर प्रकाश डाला, भारत के बाहर इन मूल्यों को बढ़ावा देने वाली पहलों का उल्लेख किया।
संवाद के दौरान, प्रधानमंत्री ने सांस्कृतिक व वैज्ञानिक उपलब्धियों पर भी चर्चा की। उन्होंने भारत की समृद्ध संगीतमय परंपराओं के प्रतीक के रूप में बीटिंग रिट्रीट समारोह की प्रशंसा की और सशस्त्र बलों के बैंड्स के प्रदर्शनों की सराहना की। उन्होंने देश के परमाणु कार्यक्रम में प्रगति, विशेषकर कलपक्कम सुविधा पर, भारतीय वैज्ञानिकों की भी प्रशंसा की।
संवाद ने नागरिक भागीदारी, सांस्कृतिक गौरव व वैश्विक सद्भाव के विषयों को मिश्रित किया, प्रधानमंत्री ने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण प्रयासों में सक्रिय योगदान देने की अपील की।
