चंडीगढ़ (बलविंदर सिंह): हरियाणा का बिजली क्षेत्र बड़े बदलाव की ओर अग्रसर है। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने राज्यव्यापी निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
चंडीगढ़ में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने अधिकारियों के लिए स्पष्ट प्रदर्शन मानक बताए। उन्होंने बिजली कटौतियों पर सख्त अंकुश लगाने पर जोर दिया। नई गाइडलाइनों के तहत शहरी इलाकों में दो घंटे से ज्यादा और ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे से अधिक व्यवधान नहीं होनी चाहिए। उल्लंघन पर निलंबन समेत कड़ी कार्रवाई होगी।
ऊर्जा विभाग आयुक्त आशिमा ब्रार और डिस्कॉम प्रमुखों समेत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी वाली बैठक में परिचालन दक्षता मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाओं में सुधार पर ध्यान रहा। विज ने प्रशासनिक चुनौतियों के बावजूद विभाग की उपलब्धियों को सराहा, लेकिन और बेहतरी की जरूरत बताई।
बुनावट की मजबूती के लिए सबस्टेशनों के समय पर रखरखाव और उन्नयन के आदेश दिए। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निर्माण तभी, जब जलस्तर से ऊपर हों। मानसून से पहले तैयारी पर जोर, जिसमें बिजली लाइनों के पास पेड़ों की छंटाई शामिल है ताकि तूफान में रुकावट न हो।
मरम्मत प्रतिक्रिया तेज करने पर बल। रखरखाव टीमों को उचित उपकरण, सुरक्षा साजो-सामान और जरूरी सामग्री देकर ट्रांसफॉर्मर खराबी जैसे मामलों में जल्द बहाली सुनिश्चित होगी।
पारदर्शिता बढ़ाने को खरीद और इन्वेंटरी प्रबंधन के लिए डिजिटल पोर्टल लाने की योजना। इससे उपकरण ट्रैकिंग आसान होगी, डुप्लिकेशन रुकेगा और केंद्रीकृत डैशबोर्ड से बेहतर नियोजन संभव।
बिजली चोरी और वित्तीय रिसाव पर सख्ती। सभी लंबित चोरी मामलों को तीन माह में अदालत पहुंचाने के निर्देश। हाल के वर्षों में हजारों एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, प्रवर्तन और कड़ा होगा। अनियमित कनेक्शन देने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई, प्रासंगिक नियमों के तहत चार्जशीट बनेगी।
वसूलियां तेज करने की जरूरत बताई। बकायेदारों से 8,000 करोड़ से ज्यादा बकाया है, जिसमें सरकारी विभागों का बड़ा हिस्सा। वसूली प्रक्रिया तेज करने को कहा गया।
नवीकरणीय ऊर्जा में एक साल में सभी सरकारी भवनों पर सोलर सिस्टम लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य। 200 करोड़ के रोटरी फंड से समर्थन, पीएम सूर्य घर योजना का विस्तार खासकर गरीब परिवारों के लिए। सोलर अपनाने में शीर्ष क्षेत्रों को सम्मानित किया जाएगा।
कुल मिलाकर ये निर्देश हरियाणा सरकार की बिजली क्षेत्र को आधुनिक बनाने, सेवा बेहतर करने और बुनावट उन्नयन व स्वच्छ ऊर्जा से लंबी स्थिरता सुनिश्चित करने की मजबूत कोशिश दिखाते हैं।
