मुख्यमंत्री को बताया कि मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की नियुक्ति बारे भी दिशा निर्देश दिए जा चुके है, जब तक फुल टाइम स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की तैनातनी नहीं होती, तब तक कांट्रेक्ट पर चिकित्सों की तैनाती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सिविल सर्जन यानि सीएमओ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाएं। यह भी निर्देश दिए कि जिलों में तय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जाए और प्रदर्शन आधारित निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए।
प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया, पारदर्शिता और समयबद्धता को करे सुनिचित:
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रोक्योरमेंट प्रणाली को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दवाओं और उपकरणों की खरीद में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। इसके साथ ही, गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और आवश्यकतानुसार बेहतर प्रथाओं को अपनाने पर भी जोर दिया गया।
