बेरूत (राजीव शर्मा): अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के महज कुछ घंटों बाद इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के बीच इलाकों पर अचानक हवाई हमले बोल दिए। घनी आबादी वाले रिहायशी और बाजार क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इजराइली सेना ने साफ कर दिया कि ईरान के साथ युद्धविराम का लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ चल रही जंग से कोई लेना-देना नहीं।
मध्य बेरूत, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में 10 मिनट के अंतराल पर 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए गए। इजराइल ने इसे मौजूदा जंग का अब तक का सबसे बड़ा समन्वित एयर स्ट्राइक बताया। आसमान में काले धुएं के गुबारे छा गए। एक रिहायशी इमारत ध्वस्त हो गई, कई गाड़ियों में आग लगी। अफरा-तफरी में आपातकालीन टीमें और एम्बुलेंस बचाव में जुटीं हैं। हताहतों की तादाद फिलहाल स्पष्ट नहीं, लेकिन व्यस्त बाजारों में हमले होने से भगदड़ मच गई।
इजराइल का तर्क: हिजबुल्लाह नागरिकों को ढाल बना रहा
इजराइली सेना ने मिसाइल लॉन्चपैड, कमांड सेंटर और इंटेलिजेंस बेस को टारगेट किया। बयान में कहा गया—लेबनान और उसके नागरिकों को हिजबुल्लाह के रिहायशी इलाकों में हथियार बनाने की सुविधा रोकनी होगी। हिजबुल्लाह पर मानव ढाल के आरोप लगाए। उधर मध्यस्थ पाकिस्तान का कहना है कि ईरान युद्धविराम के तहत इजराइल को लेबनान में भी हमले रोकने चाहिए।
हिजबुल्लाह का स्टैंड: युद्धविराम तभी मानेंगे जब इजराइल रुके
हमलों से पहले हिजबुल्लाह के एक बड़े नेता ने AP को नाम छिपाने की शर्त पर बताया कि समूह मध्यस्थों को लेबनान में युद्धविराम का मौका दे रहा है। लेकिन इजराइल पालन नहीं कर रहा इसलिए घोषणा नहीं की। उन्होंने कहा 2 मार्च से पहले वाली स्थिति दोहराई नहीं जाएगी जब नवंबर 2024 के युद्धविराम के बाद भी इजराइल लगभग रोज हमला करता रहा। “हम ये बर्दाश्त नहीं करेंगे कि इजराइली पुरानी तरह अटैक करते रहें।”
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