लाहौर (राजीव शर्मा): लाहौर में प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े प्रमुख व्यक्ति पर गोलीबारी से गंभीर चोटें लगीं। इससे सुरक्षा व उग्रवादी नेटवर्कों में आंतरिक कलह की नई चिंताएं।
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, अमीर हामजा पर निजी मीडिया कार्यालय के बाहर अज्ञात हत्यारों ने हमला किया। कई राउंड फायर कर भागे, हामजा बुरी तरह जख्मी। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताई।
हाफिज सईद के लंबे सहयोगी हामजा को संगठन के शुरुआती निर्माताओं में गिना जाता। दशकों में विचारधारा का प्रमुख चेहरा बने, लेखन व सार्वजनिक भाषणों से समूह की कहानी गढ़ी।
हाल के वर्षों में खबरें आईं कि उग्रवादी फंडिंग से जुड़े संगठनों पर कार्रवाई के बाद सक्रियता से हट गए। फिर भी सुरक्षा एजेंसियां उन्हें प्रभावशाली व बचे कनेक्शनों वाला मानती रहीं।
जांचकर्ता हमले के कई पहलुओं खंगार रहे—गुटबाजी या पुरानी गतिविधियों का बदला संभव। अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं, कोई मकसद खारिज नहीं।
घटना ने प्रतिबंधित गुटों से जुड़े व्यक्तियों की मौजूदगी व ऐसी नेटवर्कों को पूरी तरह तोड़ने की चुनौतियों पर बहस छेड़ी।
