चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान आकृष्ट कर लिया है सीमा पार हथियार तस्करी के एक नए पैटर्न ने, जब विशिष्ट उत्कीर्णन वाले पिस्टल बरामद हुए, जो पहचान योग्य आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने के संगठित प्रयास का संकेत देते हैं।
अमृतसर में पंजाब पुलिस के हालिया अभियानों से “अवान बादशाह-222” और “भट्ट-007” जैसे नामों व कोड्स अंकित परिष्कृत हथियार जब्त हुए। ये बरामदगी भिंडी सैदान क्षेत्र में ग्रेनेड हमले से जुड़े गिरफ्तार संदिग्धों से संबंधित थीं। एक अन्य मामले में शहर सीमा में भी इसी तरह उत्कीर्ण हथियार मिला।
जांचकर्ताओं का मानना है कि ये चिह्न जानबूझकर रणनीति का हिस्सा हैं, संयोग नहीं। अधिकारियों के अनुसार ये उत्कीर्णन तस्करों को भूमिगत नेटवर्क में पहचान दिलाते हैं, आपूर्तिकर्ताओं के लिए पहचानकर्ता का काम करते हुए ऑपरेटिव्स के बीच विश्वास मजबूत करते हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि ड्रोन के सहारे ऐसे हथियार भारतीय क्षेत्र में तेजी से तस्करी हो रहे हैं, जो पारंपरिक सीमा सुरक्षा को चकमा देने के लिए तकनीक पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। कोडेड चिह्नों के साथ ड्रोन डिलीवरी सीमा पार संचालकों के समन्वित प्रयास का इशारा करती है।
प्रारंभिक पूछताछ रिपोर्टों के अनुसार, ये हथियार पाकिस्तान आधारित नेटवर्क से आए माने जा रहे हैं जो स्थानीय अपराधी गुटों में वितरित किए गए। अधिकारी संगठित सिंडिकेट्स व बाहरी एजेंसियों से संभावित संबंधों की जांच कर रहे हैं जो इन कार्रवाइयों का समर्थन कर रही हो सकती हैं।
अधिकारी चेताते हैं कि यह रणनीति कमजोर व्यक्तियों खासकर युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास हो सकता है, इन नेटवर्क को सुव्यवस्थित व शक्तिशाली दिखाकर। हथियारों पर ब्रांडिंग भर्ती व विस्तार में भूमिका निभा सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि कई मामलों का सामूहिक विश्लेषण हो रहा है ताकि सामान्य पैटर्न ट्रेस हो और चिह्नित हथियारों का स्रोत पता चले। कई मॉड्यूल तोड़ चुके हैं लेकिन बदलती तस्करी विधियों के लिए लगातार अनुकूलन जरूरी है।
नेटवर्क की पूरी जद और राज्य में आगे घुसपैठ रोकने के लिए जांच जारी है।
