एनएसएस के युवाओं का संकल्प: 100 दिवसीय अभियान से टीबी-मुक्त भारत की ओर मजबूत कदम

चंडीगढ़ (नवल किशोर): स्वस्थ भारत की ओर युवाओं का सशक्त योगदान: एनएसएस इकाई द्वारा 100 दिवसीय टीबी जागरूकता अभियान 2026 के तहत टीबी-मुक्त भारत पहल

कॉलेज की एनएसएस इकाई द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय तीव्र टीबी जागरूकता अभियान 2026 के तहत एक प्रभावशाली जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में स्वास्थ्य, पोषण तथा सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

इस अवसर पर मुख्य अतिथियों के रूप में गवर्नमेंट कॉलेज फॉर मेन की प्राचार्य प्रो. रमा अरोड़ा, स्वास्थ्य विभाग, चंडीगढ़ की स्टेट टीबी अधिकारी डॉ. नवनीत कंवर तथा एनएसएस स्टेट लाइजन ऑफिसर, चंडीगढ़ डॉ. नेमी चंद गोलिया उपस्थित रहे। उनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बनाया।

कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नुक्कड़ नाटक व संवादात्मक अभियानों के माध्यम से टीबी उन्मूलन के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इन गतिविधियों ने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया। स्वयंसेवकों के समर्पण और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की व्यापक सराहना की गई।

संस्थान के लिए गर्व का क्षण तब रहा जब मानसी शर्मा का चयन देशभर के शीर्ष सात एनएसएस स्वयंसेवकों में हुआ, जिन्हें माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे. पी. नड्डा के साथ ऑनलाइन संवाद का अवसर मिला। यह उपलब्धि संस्थान के लिए सम्मानजनक रही और राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों के प्रति स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। साथ ही, 100 दिवसीय तीव्र टीबी जागरूकता अभियान (2025) में स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका के लिए भी उन्हें सराहा गया, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर समुदायों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

अपने संबोधन में डॉ. नवनीत कंवर ने टीबी उन्मूलन के लिए शीघ्र पहचान, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। प्रो. रमा अरोड़ा ने एनएसएस इकाई के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। डॉ. नेमी चंद गोलिया ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों में युवाओं की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए एनएसएस इकाई के निरंतर प्रयासों की प्रशंसा की।

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा टीबी-मुक्त भारत की शपथ लेने के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने जागरूकता फैलाने और टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने का संकल्प दोहराया। इसके पश्चात व्यापक जन-जागरूकता के लिए एक रैली का भी आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम युवाओं द्वारा संचालित जागरूकता, सहभागिता और समर्पण का सशक्त उदाहरण रहा, जो एक स्वस्थ एवं टीबी-मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

By Gurpreet Singh

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