पंजाब किसानों ने रेल रोको आंदोलन को स्थगित किया, गेहूं खरीद मानदंडों पर केंद्र का फैसला लंबित

चंडीगढ़ (गुरप्रीत सिंह): पंजाब की किसान संगठनों ने अपने प्रस्तावित ‘रेल रोको’ प्रदर्शन को तीन दिनों के लिए टाल दिया है, जिससे रेल सेवाओं पर तत्काल दबाव कम हुआ है लेकिन उनकी मांगें दृढ़ता से बरकरार हैं।

राज्य भर में कई स्थानों पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित करने वाला यह आंदोलन पंजाब सरकार की अपील पर अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया। किसान मजदूर मोरचा के प्रमुख नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि संगठनों ने संवाद व प्रशासनिक कार्रवाई के लिए जगह देने के लिए विराम पर सहमति जताई।

यह आंदोलन किसान मजदूर मंच (KMM) ने संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े समूहों व अन्य संगठनों के समन्वय से बुलाया था, जिसमें करीब 18 स्थानों पर प्रदर्शन की योजना थी।

अशांति का मूल कारण इस सीजन की गेहूं फसल की स्थिति है। किसानों का कहना है कि अनियमित मौसम—समय से पहले बारिश व तापमान में जल्दी वृद्धि—से मंडियों तक पहुंची उपज में स्पष्ट क्षति हुई है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि फसल के बड़े हिस्से में रंग बदलना व सिकुड़न के लक्षण दिख रहे हैं, जिससे खरीद पात्रता पर चिंताएं बढ़ी हैं।

किसान संगठनों व राज्य प्रशासन दोनों ने केंद्र से खरीद मानकों में ढील देने की मांग की है ताकि प्रभावित फसलें बिक सकें। पड़ोसी राज्यों को पहले ही छूट मिल चुकी है लेकिन पंजाब के किसान औपचारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार केंद्र की टीमें फसल का 현क्षेत्रीय आकलन पूरा कर चुकी हैं और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। संशोधित दिशानिर्देशों पर शीघ्र फैसला आने की उम्मीद है।

अभी के लिए संगठन सतर्क रुख अपना रहे हैं, संकेत देते हुए कि सरकार आने वाले दिनों में नीतिगत राहत देती है या नहीं, उसी पर अगला कदम निर्भर करेगा।

By Gurpreet Singh

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