तेहरान (राजीव शर्मा): ईरान और अमरीका के बीच युद्धविराम को अभी एक दिन भी पूरा नहीं हुआ की मिडल ईस्ट में नाजुक शांति अब खतरे में पड़ गई है। ईरान और उसके विरोधियों से जुड़ी ताजा घटनाएं कूटनीतिक सफलताओं को उलटने की कगार पर हैं।
युद्धविराम की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने फिर से वैश्विक तेल परिवहन के महत्वपूर्ण रास्ते होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। यह कदम लेबनान में इजरायली हवाई हमलों की तीव्रता के सीधे जवाब के रूप में देखा जा रहा है।
इसी बीच इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बेरूत में कई जगहों पर निशाना साधा गया। इन हमलों से भारी जानमाल का नुकसान हुआ, जो इस चले आ रहे संघर्ष का सबसे खतरनाक दिन साबित हुआ।
अमेरिका ने तेहरान से रणनीतिक मार्ग खोलने की मांग की है। वाशिंगटन का कहना है कि समुद्री यातायात में बाधा रहित आवाजाही स्थिरता और कूटनीतिक रास्ते खुले रखने के लिए जरूरी है। पहले स्वागत योग्य लगने वाला यह युद्धविराम अब डगमगा रहा है।
वाशिंगटन में अधिकारियों, जेडी वेंस सहित, ने समझौते की नाजुकता स्वीकार की है। उन्होंने चेतावनी दी कि विभिन्न मोर्चों पर जारी लड़ाई हाल की प्रगति को जल्द मिटा सकती है।
स्थिति को और जटिल बना रही हैं क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों से ड्रोन व मिसाइलों के आदान-प्रदान की खबरें। इससे साफ है कि औपचारिक युद्धविराम के बावजूद तनाव ऊंचा बना हुआ है।
विश्व पर्यवेक्षकों का कहना है कि लेबनान में सैन्य उग्रता और ऊर्जा मार्ग में रुकावट का मेल न सिर्फ क्षेत्रीय शांति को बल्कि वैश्विक बाजारों को भी प्रभावित कर सकता है।
कूटनीतिक प्रयास संकट में हैं। आने वाले दिन तय करेंगे कि क्या युद्धविराम बचाया जा सकेगा या क्षेत्र फिर गहरे संघर्ष में धंस जाएगा।
मिडल ईस्ट में तनाव फिर भड़का: ईरान ने होर्मुज जलमार्ग रोका, इजरायल का लेबनान पर हमला जारी
