चंडीगढ़ (नवल किशोर): चंडीगढ़ में HIV का बोझ लगातार बना हुआ है, वर्तमान में 3,016 लोग इस संक्रमण से ग्रस्त हैं, राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) द्वारा जारी हालिया निष्कर्षों के अनुसार।
रिपोर्ट में केंद्र शासित प्रदेश में वयस्क HIV प्रसार दर 0.30% दर्ज की गई है, जिसमें पुरुषों का हिस्सा महिलाओं की तुलना में अधिक है। हर साल शहर में 150 से अधिक नए संक्रमण दर्ज होते हैं और एड्स संबंधी जटिलताओं से जुड़ी कई दर्जन मौतें होती हैं।
स्वास्थ्य आंकड़ों से कुछ कमजोर समूहों में संक्रमण का उच्च केंद्रण दिखता है। इंजेक्शन ड्रग उपयोगकर्ता सबसे अधिक प्रभावित श्रेणी हैं, इसके बाद जेल कैदी व पुरुष समलैंगिक आते हैं। प्रवासी व महिला सेक्स वर्कर्स भी जोखिम समूह का हिस्सा हैं, हालांकि इनमें संक्रमण स्तर अपेक्षाकृत कम है।
स्वास्थ्य देखभाल मोर्चे पर चंडीगढ़ ने उपचार वितरण में मजबूत प्रगति दिखाई है। हजारों मरीज एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी ले रहे हैं, 12 माह की अवधि में उच्च रिटेंशन दर के साथ। परीक्षण कराए गए अधिकांश लोगों ने वायरल दमन हासिल किया है, जो चल रहे उपचार कार्यक्रमों की प्रभावशीलता दर्शाता है।
अधिकारियों ने नुकसान-कमी पहलों को तेज किया है, जिसमें स्वच्छ सुई व सिरिंज का बड़े पैमाने पर वितरण व ओपिओइड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी केंद्रों का विस्तार शामिल है। ये कदम ड्रग उपयोगकर्ताओं में संक्रमण रोकने व प्रभावित समुदायों को स्थिर करने के उद्देश्य से हैं।
रोकथाम प्रयास मातृ सेवाओं तक विस्तार पा चुके हैं। बड़ी संख्या गर्भवती महिलाओं का HIV परीक्षण हुआ, और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप से रिपोर्टेड मामलों में नवजातों को संक्रमण सफलतापूर्वक रोका गया।
इसके अतिरिक्त, परामर्श व निदान केंद्रों में व्यापक परीक्षण अभियानों ने नए मामलों की जल्द पहचान में मदद की, जिससे उपचार से त्वरित जोड़ना संभव हुआ।
अधिकारियों का मानना है कि HIV स्थिति निरंतर सतर्कता मांगती है, लेकिन शहर का विस्तारित स्वास्थ्य प्रतिक्रिया तंत्र व लक्षित हस्तक्षेप प्रसार नियंत्रण व मरीज परिणामों में सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
