चंडीगढ़ (नवल किशोर): पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत अटावा में एक महत्वपूर्ण जागरूकता एवं जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें मातृ एवं शिशु पोषण विषय पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए दान को प्रोत्साहित करने हेतु पंखुड़ी पोर्टल पर पंजीकरण को बढ़ावा दिया गया। इस कार्यक्रम में एन.ए. कल्चर सोसाइटी के सदस्यों, अटावा के सरपंच, क्षेत्रीय पार्षद, स्थानीय डिस्पेंसरी के डॉक्टरों तथा अन्य गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो मजबूत सामुदायिक भागीदारी को दर्शाता है।
मौली कॉलोनी में एएनएम एवं एलएचवी द्वारा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के महत्व पर जानकारीपूर्ण व्याख्यान दिए गए। इसके पश्चात गर्भवती महिलाओं के सम्मान एवं प्रोत्साहन हेतु गोद भराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, आरसी धनास-2 में बच्चों में स्क्रीन टाइम को कम करने के विषय पर एक विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किया गया, जिसमें लाभार्थियों को बच्चों को रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न करने तथा घर पर उपलब्ध सामग्री से स्वयं (DIY) खिलौने बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के अंतर्गत आयुष पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य संवर्धन, खाद्य सुदृढ़ीकरण (फूड फोर्टिफिकेशन) के महत्व तथा पोषण के पंच सूत्रों के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। घर-घर जाकर पूरक आहार (कम्प्लीमेंटरी फीडिंग) को बढ़ावा देने तथा बच्चों के आहार में प्रारंभिक अवस्था से ही मोटे अनाज (मिलेट्स) शामिल करने के लिए जागरूक किया गया।
इसके अतिरिक्त, युवाओं के समूहों के साथ बैठकें, मिलेट्स के प्रचार, घरों में किचन गार्डन विकसित करने के अभियान तथा घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने जैसे प्रयास भी किए गए। आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त प्रारंभिक शिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
यह कार्यक्रम विभिन्न हितधारकों एवं समुदाय के सदस्यों को एक मंच पर लाने में सफल रहा और महिलाओं एवं बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य एवं समग्र विकास के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी को सुदृढ़ किया।
