चंडीगढ़ (नवल किशोर): पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत सर्किल-52 में पोषण, प्रारंभिक बाल देखभाल एवं विकास को बढ़ावा देने हेतु विभिन्न प्रभावशाली सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री के माध्यम से आयोजित प्ले-बेस्ड लर्निंग गतिविधि ने खेल-खेल में सीखने के महत्व को उजागर किया तथा बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को प्रोत्साहित किया।
मलोया में “नो स्क्रीन अवेयरनेस एवं फैमिली प्ले टाइम” गतिविधि का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए स्क्रीन टाइम सीमित करने का संकल्प लिया तथा स्वयं एवं अपने बच्चों में मोबाइल के उपयोग को कम करने के लिए हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया।
बापूधाम कॉलोनी में आधारशिला एवं नवचेतना सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें प्रारंभिक शिक्षा, पोषण एवं समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। इन सत्रों में रॉकेट लर्निंग टीम एवं पंजाब विश्वविद्यालय के इंटर्न्स ने सहभागिता की। मनीमाजरा में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पोषण, स्वच्छता, संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाई गई।
इसके अतिरिक्त आयुष संबंधी जागरूकता सत्र, फूड फोर्टिफिकेशन एवं ‘पोषण के पंच सूत्र’ का प्रचार-प्रसार, पूरक आहार एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने हेतु गृह भ्रमण, बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के लिए मोटे अनाज (मिलेट्स) को प्रोत्साहन, स्तनपान की शीघ्र शुरुआत के प्रति जागरूकता, वृद्धि निगरानी तथा 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए प्री-स्कूल शिक्षा को सुदृढ़ करने जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं।
इन सभी पहलों के माध्यम से समुदाय में पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को प्रोत्साहित किया गया, जिससे बच्चों के समग्र विकास एवं बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
