08
Apr
नई दिल्ली (राजीव शर्मा): उच्चतम न्यायालय ने साफ कर दिया है कि किसी धर्म की प्रथा में अंधविश्वास है या नहीं, यह पहचानने का पूरा अधिकार अदालत के पास है। कोर्ट की यह टिपण्णी केंद्र सरकार के उस तर्क को खारिज करते हुए आई कि धार्मिक मामलों में दखल अदालत का दायरा पार करता है।प्रधान न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अगवाई वाली नौ जजों की बेंच धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के प्रवेश और संविधान के अनुच्छेद 25 के दायरे से जुड़ी याचिकाओं पर बहस कर रही है। केरल के शबरीमला मंदिर का मामला केंद्र में है, जहां पहले 2018 में प्रतिबंध…
