चंडीगढ़, 2 मार्च – हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026–27 के बजट को प्रदेश के किसानों, पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों एवं मत्स्य पालकों के लिए दूरदर्शी, समावेशी और विकासोन्मुखी बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट “किसान की आशा, सरकार की दिशा” के संकल्प को साकार करता है और कृषि, पशुपालन तथा मत्स्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है।
श्री राणा ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की सभी योजनाओं हेतु वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में आवंटित राशि को 4.40% बढ़ाकर ₹4,609.88 करोड़ किया गया है। बागवानी विभाग की आवंटित राशि को 0.86% बढ़ाकर ₹1,176.91 करोड़, पशुपालन एवं डेयरी विभाग की आवंटित राशि को 23.31% बढ़ाकर ₹2,290.57 करोड़, मत्स्य पालन विभाग की आवंटित राशि को 14.84% बढ़ाकर ₹242.41 करोड़ किया गया है।
श्री राणा ने कहा कि आज मुख्यमंत्री द्वारा विधासभा में प्रस्तुत किये गए बजट में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी’ को प्रमाणन संस्था के रूप में विकसित करने का निर्णय एक क्रांतिकारी कदम है। इसके अलावा ,पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी और नारनौल में प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों के लिए मंडियों में अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा तथा परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि धान की पराली प्रबंधन हेतु ₹1,200 प्रति एकड़ तथा डीएसआर अपनाने पर ₹4,500 प्रति एकड़ की अनुदान राशि को जारी रखना किसानों के हित में बड़ा निर्णय है। ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के अंतर्गत धान छोड़कर दलहन, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को ₹2,000 प्रति एकड़ अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1.40 लाख एकड़ अतिरिक्त भूमि को खेती योग्य बनाने, 8 लाख नलकूपों के जल की गुणवत्ता जांचने तथा 2.70 लाख ट्यूबवेल के नमूनों की जांच का निर्णय जल संरक्षण की दिशा में ठोस पहल है। देसी कपास पर प्रोत्साहन राशि ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,000 प्रति एकड़ तथा गन्ना उत्पादन में टिश्यू कल्चर और एकल आंख विधि पर प्रोत्साहन राशि ₹5,000 प्रति एकड़ करना किसानों की आय बढ़ाने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि मत्स्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए हिसार एवं फरीदाबाद में ₹100 करोड़ की लागत से आधुनिक मछली मंडियां स्थापित की जाएंगी तथा करनाल में ₹50 करोड़ की लागत से नई मछली प्रसंस्करण इकाई स्थापित होगी। यमुनानगर, रोहतक एवं फरीदाबाद में ₹9 करोड़ की लागत से नई मिट्टी एवं जल परीक्षण प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। मत्स्य एवं झींगा पालन को रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराना तथा लोड सीमा 20 किलोवाट से बढ़ाकर 40 किलोवाट करना मत्स्य पालकों के लिए बड़ी राहत है।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के बजट में 23% से अधिक वृद्धि कर ₹2,290.57 करोड़ का प्रावधान किया गया है। हिसार में ₹5 करोड़ की लागत से बहुउद्देश्यीय पशुपालन प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए ‘वन हेल्थ’ दृष्टिकोण अपनाया जाएगा, जिससे पशुपालकों की आय और पशुधन दोनों सुरक्षित रहेंगे।
श्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट किसान, पशुपालक और मत्स्य पालक की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि यह दर्शाती है कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट हरियाणा को कृषि, दुग्ध और मत्स्य उत्पादन में राष्ट्रीय अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
