वाशिंगटन (राजीव शर्मा): चल रहे संकट के कूटनीतिक समाधान की कोशिशें डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के नए प्रस्ताव को अस्वीकार करने के बाद फिर अटक गईं।
अधिकारियों ने संकेत दिया कि तेहरान की योजना चरणबद्ध रोडमैप प्रस्तुत करती है, जो तत्काल शत्रुता समाप्ति से शुरू होकर खाड़ी में समुद्री पहुंच पर चर्चा व महत्वपूर्ण शिपिंग लेन दोबारा खोलने तक जाती है। प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता का सुझाव केवल प्रारंभिक चरण पूरे होने के बाद दिया गया।
हालांकि, संयुक्त राज्य अमेरिका ने परमाणु चिंताओं को टालने के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया। आंतरिक चर्चाओं से परिचित स्रोतों ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन इसे किसी समझौते का केंद्रीय मुद्दा मानता है, जिससे ईरान का क्रमबद्ध दृष्टिकोण इस स्तर पर अस्वीकार्य है।
यह असहमति दोनों पक्षों के बीच बढ़ते अंतर को रेखांकित करती है, जहां वाशिंगटन दीर्घकालिक सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता दे रहा है व तेहरान सैन्य व आर्थिक दबावों से तत्काल राहत चाहता है।
चल रहा गतिरोध वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता लंबा खींच रहा है, विशेष रूप से ऊर्जा क्षेत्र में, क्योंकि प्रमुख तेल पारगमन मार्गों के इर्द-गिर्द तनाव अनसुलझे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि वार्ता स्थितियों में बदलाव के बिना निकट भविष्य में सफलता की संभावना कम है।
कूटनीतिक चैनल खुले हैं, लेकिन दोनों देश अपने मूल मांगों पर अड़े हैं, जिससे तनाव कम करने का मार्ग जटिल होता जा रहा।
