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Oct
चंडीगढ़, 7 अक्टूबर-हरियाणा में पराली जलाने को लेकर राज्य सरकार के सख्त प्रवर्तन, आधुनिक निगरानी प्रणाली और किसानों को वैकल्पिक उपायों के प्रति प्रेरित करने के सतत प्रयास रंग लाने लगे हैं। बीते वर्ष की तुलना में धान की फसल के अवशेष जलाने से जुड़ी सक्रिय आग की घटनाओं में 95 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की रिपोर्ट के अनुसार, जहाँ 2024–25 सीज़न के दौरान राज्य में पराली जलाने की 150 घटनाएँ दर्ज की गई थीं, वहीं 6 अक्टूबर, 2025 तक इनकी संख्या घटकर केवल सात रह गई है। यह जानकारी आज…
